बागवान: विश्वास पर टिकी रहती है संयुक्त परिवार की नींव

February 28th, 2022

डिजिटल डेस्क, अमरावती। संयुक्त परिवार में मिलजूलकर रहने से ही एक-दूसरे की भावनाओं को समझा जा सकता है। वहीं विश्वास और प्रेम से ही परिवार में एकता बनी रहती है। यह कहना है अमरावती जिले के चांदुर रेलवे निवासी 72 वर्षीय रामचंद साहबराव नन्नाेरे का। 

Q आपकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण वह कौनसा पल था, जिसमें आपने सफलता पायी और वह किस तरह अपने आनेवाली पीढ़ी का मार्गदर्शन कर सकता है?

- जीवन में उतार-चढ़ाव आते है। लेकिन परेशानियों से डरने की बजाय उनसे लड़ने का हौसला रखना चाहिए। कृषक पुत्र रहने से बचपन से ही संघर्ष को करीबी से देखा है। संघर्ष हमें नई सीख देता है। आज कड़ी मेहनत करने पर मुझे हर खुशी तथा समृद्धि मिली है। यही मेरे जीवन का महत्वपूर्ण पल है। नई पीढ़ी ने छोटी-छोटी मुश्किलों से हार मानने की बजाय उनसे लड़ने का हौसला रखना चाहिए। जो लोग मुश्किलों से लड़ने का हौसला रखते है, उनकी जीत होती है।    

Q आपने जो अपनी विरासत संजोई है और जिंदगी में जो अनुभव प्राप्त किए है, वे किस तरह भविष्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते है?

- सकारात्मक विचारों को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। जीवन में सफल होना आसान नहीं होता। कड़वे अनुभव की हमें जीवन में आगे बढ़ने की दिशा दिखाते है। बच्चों को हमने जो संस्कार दिए है, आज उन संस्कारों पर वे चल रहे है, यहीं विरासत संजोई है। 

Qअपने शहर, समाज और देश के लिए अब क्या करना चाहते है और यह भी बताइए कि आज की पीढ़ी को क्या करने की जरूरत है?

- माता-पिता के बताए मार्ग पर चलने पर ही हम जीवन की उंचाइयों को छू सकते है। 
युवाओं को बड़े-बुजुर्गाें का आदर करना चाहिए। परिवार में किसी भी सदस्य पर संकट आने पर सभी ने एकजुटता से उसके साथ खड़ा होना चाहिए।