दैनिक भास्कर हिंदी: केंद्र की नई हज नीति के खिलाफ मोर्चा, हस्ताक्षर मुहिम की शुरुआत

October 14th, 2017

डिजिटल डेस्क, नागपुर। केंद्र सरकार की नई हज नीति के खिलाफ मुस्लिम समुदाय ने मोर्चा खोल दिया है। नागपुर इंबार्केशन सेंटर बंद करने के प्रस्ताव को वापस लेने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सेंट्रल तंजीम कमेटी ने जहां 350 मस्जिदों में जुमा नमाज के बाद हस्ताक्षर मुहिम की शुरुआत की, वहीं यूनाईटेड स्टूडेंट्स एसोसिएशन तथा जमीअतुल उलेमा नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में मोमिनपुरा स्थित मोहम्मद अली सराय के सामने धरना-आंदोलन किया गया। हज हाउस मार्ग, भालदारपुरा में नागरिकों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया।

इन प्रस्तावों का विरोध 

नागपुर इंबार्केशन सेंटर से हज की हवाई उड़ान बंद करने, 45 वर्ष से ज्यादा उम्र की चार महिलाओं के बगैर मेहरम हज पर जाने, लगातार चार से पांच वर्ष तक हज फार्म भरने वाले और 70 वर्ष के हज यात्री की रिजर्व श्रेणी खत्म करने, कुर्बानी के लिए अदायगी कूपन अनिवार्य करने का विरोध किया जा रहा है।

मस्जिदों में हस्ताक्षर मुहिम की शुरुआत             

सेंट्रल तंजीम कमेटी के अध्यक्ष हाजी अ. कदीर की प्रमुख उपस्थिति में जूना जेलखाना मस्जिद में हस्ताक्षर मुहिम चलाई गई। उपाध्यक्ष शाहिद नसीम खान, सचिव हाजी मो. कलाम तथा सदस्य अजीज खान उपस्थित थे। कमेटी के सदस्य मतीन रहमान, नियाज अहमद, गुलाम मुस्तफा सहित सभी सदस्यों ने अलग-अलग मस्जिदों में मुहिम की शुरुआत की। शनिवार से नागपुर तहसील की मस्जिदों में हस्ताक्षर मुहिम शुरू होगी। हाजी कदीर और केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितीन गडकरी के नेतृत्व में दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को एक लाख लोगों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपेगा। 

भालदारपुरा में विरोध प्रदर्शन              

इंबार्केशन सेंटर बंद करने के फैसले के खिलाफ हज हाउस मार्ग, भालदारपुरा के नागरिकों ने भालदारपुरा में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मौलाना अब्दुल रशीद कलंदर ने किया। आरोप लगाया कि नागपुर सेंटर को बंद कर सरकार नागपुर और विदर्भ ही नहीं,  मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के लाखों मुस्लिमों के साथ अन्याय कर रही है। प्रदर्शन में हाजी परवेज अहमद, हाजी अलीम खान, नसरूद्दीन हाजी याकुब, हाजी शफी, कदीर हाजी, फिरोज खान, हाजी शकील, फकरूभाई, अकरमभाई, इमरानभाई आदि शामिल थे।  

मोमिनपुरा में धरना-आंदोलन           

हज इस्लाम का एक महत्वपूर्ण फरीजा है। इससे संबंधित कोई भी नीति बनाने हेतु धर्म गुरु या इस्लाम की जानकारी रखने वालों को समिति में शामिल किया जाना चाहिए। यह बात वक्ताओं ने यूनाईटेड स्टुडेंट्स एसोसिएशन और जमीअतुल उलमा के संयुक्त तत्वावधान में मोहम्मद अली सराय के सामने आयोजित धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में कही।