फोन टैपिंग का मास्टरमाइंड कौन?: रश्मि शुक्ला को फोन टैपिंग कराने का आदेश देने वालों की जांच होनी चाहिए -लोंढे

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पुलिस अधिकारी रश्मि शुक्ला को फोन टैपिंग कराने का आदेश देने वालों की जांच कराने की मांग कांग्रेस ने की है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा है कि कोई भी अधिकारी किसी के आदेश के बिना इस तरह का कार्य नहीं कर सकता है। जांच से तय होगा कि किसने टैपिंग के आदेश दिए थे। पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड कौन है, इसकी जांच हो। राज्य में स्पाइन का गुजरात मॉडल नहीं चलेगा।  विधानमंडल के बजट अधिवेशन में भी यह मामला उठाया जाएगा। सोमवार को पत्रकार वार्ता में लोंढे बोल रहे थे। 

अपराध दर्ज किया गया है

लोंढे ने बताया कि पहले ही इस मामले को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले िवधानसभा में रख चुके हैं। पटोले की मांग पर तत्कालीन पुलिस महासंचालक संजय पांडे की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन पुलिस आयुक्त रश्मि शुक्ला के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व की सरकार के समय  राज्य में विपक्ष के नेताओं के फोन टैप किए गए थे। नाना पटोले, बच्चू कड़ू, आशीष देशमुख के नाम बदलकर फोन टैप किए गए। इंडियन टेलीग्राम एक्ट का उल्लंघन किया गया। विपक्ष के नेताओं के संभाषण छिपकर सुनने का यह तरीका गुजरात में अपनाया जाता रहा है। गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने साफ किया है कि किस तरह फोन टैपिंग किए गए। इस मामले में भले ही रश्मि शुक्ला के विरोध में अपराध दर्ज किया गया है, लेकिन फोन टैपिंग का रिकॉर्ड किसे दिया गया? फोन टैपिंग को मूल उद्देश्य क्या था, शुक्ला को फोन टैपिंग का आदेश किसने दिया‌, इस पूरे प्रकरण में मास्टरमाइंड कौन है, यह स्पष्ट होना चाहिए। 

किस अथाॅरिटी का आदेश

कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष विशाल मुत्तेमवार ने कहा कि इस मामले में यह साफ होना चाहिए कि फोन टैपिंग के लिए किस अथाॅरिटी से अनुमति ली गई या फिर किस अथाॅरिटी का आदेश था।