दैनिक भास्कर हिंदी: मुख ही नहीं, फेफड़ों, श्वास नली और स्तन कैंसर में भी जिम्मेदार है तंबाकू

April 12th, 2021

कैंसर हॉस्पिटल में 10 हजार से ज्यादा मरीजों पर रिसर्च, मरीजों में पाई गई तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों की लत

डिजिटल डेस्क जबलपुर ।  इस बात में कोई शक नहीं है कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है। मेडिकल कॉलेज के कैंसर अस्पताल में हुई रिसर्च स्टडी में यह बात सामने आई है कि तंबाकू न सिर्फ मुख के कैंसर के लिए जिम्मेदार है, बल्कि इसकी वजह से कई दूसरे तरह के कैंसर भी हो रहे हैं। कैंसर अस्पताल में 5 वर्ष में आए करीब 10 हजार से ज्यादा मरीजों पर स्टडी की गई, जिसमें यह कारण पता लगाने का प्रयास किया गया कि किन वजहों से लोग कैंसर के मरीज बन रहे हैं। रिसर्च करने वाली टीम का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर यह अपनी तरह की पहली रिसर्च स्टडी है। यह स्टडी लॉकडाउन के दौरान की गई थी। इस दौरान मरीजों की बीते 5 वर्षों की फाइलें देखी गईं, डाटा कलेक्शन किया गया और कंपाइल किया गया। जिसमें पाया गया कि कुल कैंसर मरीजों में 78 प्रतिशत पुरुष और 72 प्रतिशत महिलाएँ किसी न किसी रूप में तंबाकू ले रहे थे। यह रिसर्च ग्लोबल जर्नल फॉर रिसर्च एनालिसिस में भी प्रकाशित की गई है।
कैंसर के साथ अन्य बीमारियों के लिए जिम्मेदार तंबाकू
रिसर्च करने वाली टीम में प्रोफेसर डॉ. श्यामजी रावत, डॉ. आराधना तिवारी और डॉ. प्रांजल मंडलोई शामिल रहे। डॉ. रावत ने बताया कि तंबाकू कैंसर का कारक होने के साथ कई अन्य बीमारियों के लिए भी जिम्मेदार है। महाकौशल क्षेत्र से बड़ी संख्या में मरीज जबलपुर आते हैं। यह रिपोर्ट गवर्मेंट तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि तंबाकू जैसे जहर को समाज में फैलने से रोका जा सके।
स्टडी में खानपान के तरीकों की दी जानकारी
इस रिसर्च स्टडी में वर्ष 2015 से वर्ष 2019 के बीच 10811 मरीजों के डेटा का अध्ययन किया गया,  जिसमें मरीजों द्वारा बीमारी के पहले अपने रहन-सहन, खान-पान की आदतों के बारे में भी बताया गया। इनमें से अधिकांश मरीजों में तंबाकू की लत पाई गई।
रिसर्च स्टडी से निकले परिणाम
* मुख के कैंसर के 3443 केस पर स्टडी हुई, इनमें से 98 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन कर रहे थे।
* बच्चादानी के कैंसर के 1638 केस में पाया गया है कि इससे ग्रस्त महिलाएँ गुटखा, खैनी, नस मंजन की लत का शिकार थीं।
* फेफड़ों के कैंसर के 872 केस में से 99 प्रतिशत मरीजों को बीड़ी-सिगरेट पीने की लत थी।
* स्तन कैंसर के 1200 केस पर स्टडी हुई, इनमें 80 प्रतिशत महिलाएँ तंबाकू का सेवन कर रही थीं।
* श्वास नली कैंसर के 640 केस में 92 प्रतिशत मरीज तंबाकू का सेवन कर रहे थे।
* इनके अलावा ब्लड कैंसर, पेशाब नली का कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, बच्चों में होने वाले कैंसर में भी तंबकू सेवन पाया गया है।