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मार्च 2020 को वर्धा फ्लाइओवर से होगा गाड़ियों का आवागमन , काम अंतिम चरण में

मार्च 2020 को वर्धा फ्लाइओवर से होगा गाड़ियों का आवागमन , काम अंतिम चरण में

डिजिटल डेस्क,नागपुर। नागपुर शहर के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल मेट्रो का वर्धा रोड़ फ्लाइओवर के लिए नगरवासियों को और इंतजार करना पड़ेगा। प्रशासन के अनुसार इसे वर्ष 2020 के मार्च माह तक साकार किया जानेवाला है। हालांकि मेट्रो प्रोजेक्ट के शुरूआत में इसका निर्माण वर्ष 2019 के आखिर तक होने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन वर्तमान स्थिति में इसका काम पूरा नहीं हो सका है।

नागपुर शहर में 3 वर्षों से मेट्रो का काम चल रहा है। मेट्रो रेल को शहर की चारों दिशा में चलाया जानेवाला है। इसमें एक रूट बर्डी से खापरी का है। जो वर्धा रोड से होकर जाता है। वर्धा रोड नेशनल हाईवे ऑथरीटी के अंतर्गत आता है, लेकिन मेट्रो का रूट यहीं से बीचों-बीच बनना है। ऐसे में मेट्रो ने अजनी से प्राइड हॉटेल तक राष्ट्रीय महामार्ग का विकास करने का भी जिम्मा लिया है। प्लानिंग के अनुसार डबल डेकर में सबसे उपर मेट्रो फिर नीचे हाईवे और सबसे नीचे लोकल सड़क रहनेवाली है। इस कार्य को पूरा करने के लिए एनएचआई को मेट्रो को 573 करोड़ रुपये देना है।

काम शुरू होने के बाद से अब तक मेट्रो को एनएचएआई की ओर से पहले 100 करोड़ मिले थे। इसके बाद महा मेट्रो को अजनी चौक से हॉटेल प्राइड तक फ्लाइओवर तथा इसे जोड़नेवाला मनीष नगर फ्लाइओवर व रेलवे उड्‌डानपुल के लिए 165 करोड़ की राशि मिली थी। जिससे अब तक मेट्रो के खाते में एनएचआई से कुल 265 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। हालांकि अभी भी 308 करोड़ मेट्रो को मिलना बाकी है। अधिकारियों के अनुसार इसका निर्माण पहले 2019 में होना था लेकिन एनएचए की ओर से कुछ कंडीशन सामने रखी गई थी। ऐसे में कुछ समय के लिए यह काम धीमा पड़ गया था। जिससे की अभी इस फ्लाइओवर का निर्माण अगले साल मार्च माह पर गया है। हालांकि इस रूट से मेट्रो शुरू होकर महीनों हो गये हैं। लेकिन हायवे शुरू होना बाकी है। इसके शुरू होने के बाद शहर को बहुत ज्यादा फायदा मिलनेवाला है। फ्लाइओवर निर्माण के बाद एक ही वक्त में तीन ट्रैफिक का आवागमन होगा। जिसमें मेट्रो, हाईवे व स्थानीय वाहन शामिल रहेंगे। 

हाईवे से मनीषनगर रहेगा टच  
उक्त कार्य अंतर्गत अजनी चौक से प्राइड तक बन रहे फ्लाइओवर के नेशनल हायवे से मनीषनगर फ्लाइओवर को जोड़ने से मनीष नगर टच में रहेगा। यह फ्लाइओवर रेलवे क्रासिंग के ऊपर से रहेगा। ऐसे में मनीषनगर की दिशा से आनेवाले वाहनधारको को रेलवे क्रासिंग पर बिना रूके सीधे नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा।

2020 तक काम पूरा करने का टारगेट
वर्ष 2019 में उपरोक्त फ्लाइओवर का काम तेजी से किया जा रहा है। वर्ष 2020 के मार्च महीने तक इसे पूरा करने का लक्ष्य मेट्रो ने अपने सामने रखा है।  अखिलेश हलवे, डीजीएम (कॉरपोरेट) मेट्रो नागपुर 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।