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ट्राइफेड ने ट्राइब्स इंडिया उत्पाद की नई रेंज को शामिल किया इन उत्पादों को जगदलपुर की केंद्रीय जेल के कैदियों ने बनाया हैं

November 17th, 2020 14:35 IST
ट्राइफेड ने ट्राइब्स इंडिया उत्पाद की नई रेंज को शामिल किया इन उत्पादों को जगदलपुर की केंद्रीय जेल के कैदियों ने बनाया हैं

डिजिटल नई दिल्ली। जनजातीय कार्य मंत्रालय ट्राइफेड ने ट्राइब्स इंडिया उत्पाद की नई रेंज को शामिल किया इन उत्पादों को जगदलपुर की केंद्रीय जेल के कैदियों ने बनाया हैं। अपने उत्पादों की रेंज का विस्तार करने की पहल के तहत, ट्राइफेड ने हाल ही में नए उत्पादों को शामिल किया है। यह उत्पाद रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले हैं जो कि वन के ताजे संसाधनों से बनाए गए हैं और इन उत्पादों को हाल ही में ट्राइफेड ने अपने उत्पादों की श्रृंखला में शामिल किया है। खास बात यह है कि इन उत्पादों को जगदलपुर की केंद्रीय जेल के कैदियों ने बनाया हैं। इस मौके पर ट्राइफेड के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीर कृष्णा ने कहा “ट्राइब्स इंडिया की लगातार कोशिश रही है कि वह आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार कर, उन्हें नई ऊंचाइयों पर ले जाए। छत्तीसगढ़ के केंद्रीय जेल से हमारी साझेदारी, उस कड़ी का एक और प्रयास है। इस साझेदारी के जरिए आदिवासियों द्वारा बनाए गए हैंडीक्रॉफ्ट उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। जिसके जरिए न केवल वह आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार करेंगे।” नए उत्पादों से ट्राइब्स इंडिया के उत्पादों की श्रृंखला मजबूत होगी। ट्राइब इंडिया का ई-मार्केट प्लेस, उपहारों के लिए दिए जाने वाले उत्पादों का एक उत्कृष्ट माध्यम भी बनेगा। जिसके जरिए समाज के वंचित लोगों के जीवन में मुस्कान भी आएगी। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जेल के आदिवासी कैदियों द्वारा, मूर्ति और केतकी टोकरी को आज लॉन्च किया गया है। इसके तहत भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी और मां दुर्गा की मूर्ति लॉन्च की गई हैं, जो कि सिर्फ उपहार देने के लिए ही नहीं हैं बल्कि इससे जेल के आदिवासी भी आत्मनिर्भर बनेंगे। यह निर्णय भी लिया गया है कि जगदलपुर केंद्रीय जेल अब ट्राइफेड का साझीदार होगा। इसका फायदा यह होगा कि जेल में आदिवासियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को ट्राइफेड नियमित रूप से खरीदेगा। इन उत्पादों को ट्राइब्स इंडिया वैश्विक प्लेटफॉर्म दिलाएगा। इसी पहल के तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों से उपहार के लिए उपयोगी उत्पादों की ट्राइफेड खरीदारी करता रहा है। हाल ही में ओडिशा के आदिवासियों से सौरा पेटिंग के अलावा लैंपशेड और डोकरा दीये भी लिए गए हैं। इसी तरह तमिलनाडु और दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों में जैविक सौंदर्य प्रसाधन वाले उत्पाद जैसे मधुमक्खी से बने लिप बॉम को भी शामिल किया गया है। यह बॉम पुदीना, नींबू और वनीला फ्लेवर में लॉन्च किए गए हैं। इसी तरह पश्चिम भारत से हाथ से पेंट किए हुए वर्ली चित्रकारी वाले दुपट्टा, जूट बैग, लैपटॉप बैग, जूट ऑर्गनाइजर, तोरण और लालटेन आदि को भी लॉन्च किया गया है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आदिवासी कलाकारों द्वारा बनाए गए यह उत्पाद उपहार और सजावट के लिए बेहतरीन विकल्प है। पिछले कुछ हफ्तों में आदिवासियों द्वारा बनाए गए इन उत्पादों को ट्राइफेड ने शामिल किया है। जो कि देश में ट्राइब्स इंडिया के 125 आउटलेट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इसके अलावा इन उत्पादों की बिक्री के लिए ट्राइब्स इंडिया की मोबाइल वैन भी लोगों तक अपनी पहुंच बनाएगी। साथ ही यह उत्पाद ट्राइब इंडिया के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी tribesindia.com और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। सफलता हासिल करने के लिए “गो वोकल फॉर लोकल” ही मूल मंत्र है। जिसके आधार पर ट्राइफेड लगातार प्रयास कर रहा है। इस मंत्र के जरिए ट्राइफेड लगातार अपनी योजनाओं और पहल से वंचित और प्रभावित आदिवासियों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आदिवासियों के जीवन स्तर को नई दिशा देने में ट्राइब्स इंडिया का ई-मार्केट प्लेस एक नई क्रांतिकारी पहल है। इसके जरिए देश के कोने-कोने में मौजूद आदिवासियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का मौका मिलेगा। साथ ही इससे आदिवासियों को नए ग्राहकों से जुड़ने का भी अवसर मिलेगा। ट्राइब्स इंडिया के ई-मार्केटप्लेस से लाखों आदिवासियों का सशक्तिकरण हो रहा है। जिसके जरिए स्थानीय स्तर पर मौजूद, प्राकृतिक और टिकाऊ उत्पादों की पहुंच लोगों तक हो रही है। साथ ही आदिवासियों की पुरातन संस्कृति की भी झलक लोगों तक पहुंच रही है। ऐसे में वेबसाइट market.tribesindia.com पर जाकर एक बार सांस्कृतिक रूप से समृद्ध उत्पादों को जरूर देखें। स्थानीय उत्पाद खरीदें, आदिवासियों से खरीदें!

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।