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हवाई पट्टी के पास घास में विमान उतारने पर 2 पायलट सस्पेंड , नागपुर से बंगलुरु जा रहा था विमान 

हवाई पट्टी के पास घास में विमान उतारने पर 2 पायलट सस्पेंड , नागपुर से बंगलुरु जा रहा था विमान 

डिजिटल डेस्क, नागपुर। डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल, नागपुर से उड़ान भरकर बंगलुरु पहुंचे गो एयर के विमान ए-320 नियो को पायलट ने मौसम खराब होने के चलते हवाई पट्टी के पास कच्ची मिट्टी में उतार दिया। मामले की जांच डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) कर रही थी, मामले को लेकर दोनों पायलट ने अपनी गलती डीजीसीए के सामने स्वीकार ली जिसके बाद दोनों पायलट को सस्पेंड कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 नवंबर को सुबह 5.45 बजे गो एयर के विमान क्रमांक 811 ने नागपुर से बंगलुरु के लिए उड़ान भरा था। वह बंलगुरु में सुबह 7.15 बजे हवाई पट्टी पर उतरने वाला था लेकिन मौसम खराब होने के कारण दृश्यता बहुत कम थी। दृश्यता कम होने के कारण पायलट वास्तविक स्थिति को समझ नहीं पाए और विमान को हवाई पट्टी के पास वाले मैदान में कच्ची मिट्टी में उतार दिया। जैसे ही पायलट को मामला समझ में आया वैसे ही पायलट ने लैंड होने के बाद एक बार फिर उड़ान भरी। इसके बाद विमान को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर डायवर्ट कर दिया गया।

विमान में 180 यात्री सवार थे, हालांकि मामले में किसी भी यात्री और क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई। गो एयर ने घटना की जानकारी डीसीजीए को दी। जिस पर डीजीसीए ने दोनों पायलट को सम्मन जारी किया। साथ ही गो एयर ने जांच कर पायलेटों को विमान उड़ाने पर रोक लगा दी है। जांच में सामने आया कि 11 नवंबर को बंगलुरु की दृश्यता मात्र 50 फीट थी जिसकी वजह से यह घटना हुई। पायलट ने डीजीसीए के समक्ष अपनी गलती को स्वीकार कर लिया। डीजीसीए के अनुसार पायलट हवाई पट्टी की केन्द्र रेखा के साथ विमान को उतारने में विफल रहे क्योंकि उन्होंने जमीन पर अपना दृष्टकोण बनाया। यह भी माना कि हवाई पट्टी के सेंटर लाइन के रूप में गलत दृश्य संदर्भ और हवाई पट्टी की बायीं ओर विमान चलाया।

3 और 6 माह के लिए सस्पेंड
मामले में मुख्य पायलट काे 6 माह के लिए निलंबित कर दिया गया जबकि को-पायलट को 3 माह के लिए निलंबित कर दिया गया। हालांकि घटना के बाद गो एयर ने पायलट की उड़ान पर रोक लगा दी थी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।