comScore

गठबंधन तोड़ने के मूड में नहीं हैं उद्धव, बोले- बीजेपी निभाए वादा

November 07th, 2019 21:05 IST
गठबंधन तोड़ने के मूड में नहीं हैं उद्धव, बोले- बीजेपी निभाए वादा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में नई सरकार बनाने के लिए भाजपा और शिवसेना के बीच जारी टकराव के बीच पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग पर अडिग हैं। गुरुवार को उद्धव ने शिवसेना के विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं युति नहीं तोड़ना चाहता, लेकिन भाजपा शिवसेना को ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद देने का वादा पूरा करें। उद्धव ने मातोश्री में पार्टी विधायकों के साथ बैठक की। उद्धव ने बैठक में विधायकों को मोबाइल फोन लाने पर पाबंदी लगाई थी। उद्धव ने सभी विधायकों को अगले दो दिनों तक मुंबई में रुकने का निर्देश दिया है। उद्धव ने विधायकों से पूछा कि युति के बीच जो स्थिति पैदा हुई है इसमें मेरी भूमिका गलत है क्या? इस पर विधायकों ने कहा कि आप जो फैसला करेंगे वह हम सबको स्वीकार होगा। इसके बाद उद्धव ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। उद्धव ने कहा कि हम भाजपा से केवल यही चाहते हैं कि जो तय हुआ है उसके अनुसार ही शिवसेना को सत्ता में भागीदारी मिले। उद्धव ने कहा कि 50-50 फार्मूले को लेकर यदि मुझे छूठा साबित करने की कोशिश होगी तो यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का शिवसेना को मुख्यमंत्री पद देने का दावा नहीं करने वाला बयान एकदम गलत है। 

टूट के डर से शिवसेना ने विधायकों को होटल में रुकाया 

सरकार बनाने को लेकर जारी गतिरोध के बीच शिवसेना को अपने पार्टी के विधायकों के टूटने का डर है। हालांकि शिवसेना के नेता इससे इंकार कर रहे हैं। उद्धव के निर्देश के बाद पार्टी के सभी विधायकों को उपनगर बांद्रा में स्थित रंगशारदा होटल में ठहराया गया है। शिवसेना के एक विधायक ने बताया कि हमें अगले दो दिनों तक मुंबई में रुकने को कहा गया है। शिवसेना विधायकों को एक होटल में ठहराए जाने पर शिवसेना के सांसद संजय राऊत ने कहा कि राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। ऐसी स्थिति में सभी विधायकों का एक साथ होना जरूरी है। राऊत ने कहा कि नवनिर्वाचित विधायकों को मुंबई में रहने के लिए अभी आवास आवंटित नहीं हुआ है। इसलिए पार्टी का कर्तव्य है कि मुंबई में आने वाले विधायकों के रहने और भोजन की व्यवस्था करे। शिवसेना के विधायक व राज्य मंत्री गुलाबराव पाटील ने कहा कि जिसको विधायकों को तोड़ना है, वह हमारे सामने आए। शिवसेना के विधायक सब्जी मंडी में थोड़े ही खड़े हैं। वहीं विधानसभा में शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति में सभी विधायकों का एकजुट रहना जरूरी है। इसलिए सभी विधायक एक साथ रंगशारदा होटल में रहेंगे। इस बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि विधायकों को तोड़ने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा है। हमारे (कांग्रेस) कुछ विधायकों को भी भाजपा की तरफ से फोन आए हैं। पर भाजपा अपने उदेश्य में सफल नहीं होगी।  
 

कमेंट करें
0wACF
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।