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गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत अब तक लगभग 32 करोड़ श्रमदिवस रोजगार सृजित किए गए हैं

October 13th, 2020 16:47 IST
गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत अब तक लगभग 32 करोड़ श्रमदिवस रोजगार सृजित किए गए हैं

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्रालय गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत अब तक लगभग 32 करोड़ श्रमदिवस रोजगार सृजित किए गए हैं और 31,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं बड़ी संख्या में ढांचे तैयार किए गए हैं; 2,123 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की गई, 21,595 अपशिष्ट प्रबंधन कार्य किए गए और 62,824 उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया Posted On: 12 OCT 2020 4:44PM by PIB Delhi ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान (जीकेआरए) को गांवों में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में प्रभावित नागरिकों और कोविड​​-19 के प्रकोप के मद्देनजर, 6 राज्यों के अपने पैतृक गांवों में लौट आए प्रवासी श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने के लिए मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। यह अभियान इन राज्यों के 116 जिलों में आजीविका के अवसरों के साथ ग्रामीणों को सशक्त बना रहा है। 15वें सप्ताह तक, कुल लगभग 32 करोड़ श्रम दिवसों के बराबर रोजगार उपलब्ध कराया गया है और 31577 करोड़ रुपये अब तक अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए खर्च किए गए हैं। बड़ी संख्या में ढांचों का निर्माण किया गया है जिनमें 1,32,146 जल संरक्षण संरचनाएं, 4,12,214 ग्रामीण घर, 35,529 मवेशी शेड, 25,689 खेत तालाब और 16,253 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण शामिल है। जिला खनिज निधि के माध्यम से 7,340 कार्य किए गए हैं, 2,123 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की गई है, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कुल 21,595 काम किए गए हैं, और 62,824 उम्मीदवारों को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अभियान की सफलता को अब तक 12 मंत्रालयों/विभागों और राज्य सरकारों के सम्मिलित प्रयासों के रूप में देखा जा सकता है, जो प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण समुदायों को अधिक मात्रा में लाभ प्रदान कर रहे हैं। उन लोगों के लिए जो अपने गृह नगर में वापस आकर नौकरी और आजीविका पाना चाहते हैं, उनके लिए यह दीर्घकालीन पहल की गई है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।