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यूनिवर्सिटी ने मंगवाए थे प्रस्ताव, अतिरिक्त सेक्शन बढ़ाने में कॉलेजों ने नहीं दिखाई रूचि

यूनिवर्सिटी ने मंगवाए थे प्रस्ताव, अतिरिक्त सेक्शन बढ़ाने में कॉलेजों ने नहीं दिखाई रूचि

डिजिटल डेस्क,नागपुर। 12वीं कक्षा की पूरक परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की दृष्टि से प्रदेश सरकार ने कॉलेजों में अतिरिक्त सेक्शन बढ़ाने के लिए प्रस्ताव मंगवाए थे, इसमें नागपुर विश्वविद्यालय से संलग्न किसी भी कॉलेज ने प्रस्ताव नहीं भेजा। सरकार को प्राप्त प्रस्तावों में 27 कॉलेजों को विविध पाठ्यक्रमों में एक सेक्शन बढ़ाने की अनुमति मिली है। 23 कॉलेजों के प्रस्तावों को सरकार ने नामंजूर कर दिया है। जल्द से जल्द पूरा एक अतिरिक्त सेक्शन बढ़ाने की भी पेशकश की थी। इसके लिए यूनिवर्सिटी  ने 26 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कॉलेजों से प्रस्ताव मंगवाए थे। शर्त थी कि, कॉलेज का एनबीए या फिर नैक मूल्यांकन होगा, तब ही एक अतिरिक्त सेक्शन बढ़ा कर दिया जाएगा। इस अवधि में किसी भी कॉलेज से विवि को प्रस्ताव नहीं मिला था। सेक्शन बढ़ाने के लिए शिक्षक नियुक्ति और अन्य कड़ी शर्तों के कारण कॉलेजों ने इसमें रुचि नहीं ली। 

अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों  की बढ़ीं 4 हजार सीटें

राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने संलग्न कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों की करीब 4 हजार सीटें बढ़ाई हैं। इसमें बीएससी, बी.कॉम, बीए जैसे पारंपरिक पाठ्यक्रमों का समावेश है। बता दें कि, इस साल भी इन्हीं पाठ्यक्रमों की ओर विद्यार्थियों का रुझान है, ऐसे में अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में जल्द सीटें फुल हो गई थीं। बड़ी संख्या मंे विद्यार्थी वेटिंग में थे। लिहाजा यूनिवर्सिटी  ने कॉलेजों को सीटें बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा था। विवि ने इनकी 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की तैयारी की। करीब 92 कॉलेजों से 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ। जिसके बाद विवि ने सीटें बढ़ाने को अनुमति दी थी। 

20 कॉलेजों में एडमिशन पर बैन हटाया , यूनिवर्सिटी ने जारी किया नोटिफिकेशन

राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के आदेश पर 20 कॉलेजों में प्रथम वर्ष प्रवेश पर से प्रतिबंध हटा दिया है। यूनिवर्सिटी ने बीते दिनों कॉलेजों मंे शिक्षक नहीं होने के कारण 132 कॉलेजों में प्रथम वर्ष के प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। इस निर्णय के विरोध में उक्त 20 कॉलेजों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने दो माह में शिक्षक नियुक्त करने की शर्त पर इन कॉलेजों पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने के आदेश नागपुर यूनिवर्सिटी  को दिए थे। औपचारिकता पूर्ति के बाद यूनिवर्सिटी  ने डी-फ्रीज नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नागपुर यूनिवर्सिटी  की समितियों ने संलग्नित कॉलेजों की पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें पता चला था कि, कई कॉलेजों में तो ऐसे पाठ्यक्रम चल रहे हैं, जहां पढ़ाने के लिए एक भी नियमित फुलटाइम शिक्षक नहीं है। सारा काम कांट्रिब्यूटरी शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। इसके अलावा कॉलेजों में और भी कई खामियां है। लिहाजा विवि ने उन्हें त्रुटियां दूर करने का वक्त दिया। त्रुटिया दूर नहीं करने पर सीधे पाठ्यक्रम में नए प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। अब यूनिवर्सिटी  ने कुछ कॉलेजों पर से प्रतिबंध हटा दिया है। प्रवेश प्रक्रिया 4 सितंबर तक चलेगी।

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