दैनिक भास्कर हिंदी: सहकार व निकाय संस्थाओं को लेकर फडणवीस सरकार के निर्णय को बदलने की तैयारी

December 17th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व की सरकार ने सहकार व निकाय संस्थाओं को लेकर लिए गए विविध निर्णयों को बदलने की तैयारी राकांपा करेगी। महाविकास आघाड़ी सरकार में शामिल राकांपा इस मामले में अध्ययन के साथ जानकारी जुटाकर सरकार के समक्ष रखेगी। पिछली सरकार के निर्णयों को बदला जाएगा। राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए भी काम करने को कहा है। मंगलवार को राकांपा अध्यक्ष शरद पवार शहर में पहुंचे। दोपहर 4 बजे वे बारामती से यहां आएं। विमानतल पर उनके स्वागत के लिए अजित पवार, जयंत पाटील, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे, दिलीप वलसे पाटील सहित राकांपा के सभी विधायक व पूर्व विधायक थे। देवगिरी में कुछ समय ठहरने के बाद पवार सिविल लाइन स्थित प्रेस क्लब में पहुंचे। प्रेस क्लब में राकांपा के विधायकों के साथ 2 घंटे तक चर्चा में पवार ने कार्यकर्ताओं को संगठन से मजबूती के साथ जोड़ने के लिए कहा। राकांपा विधायकों का कहना था कि फडणवीस सरकार के समय भाजपा ने अपनी सुविधा के अनुकुल निर्णय लिए। मनपा, नगरपरिषद के चुनाव में वार्ड व प्रभागों का निर्णय भाजपा नेताओं की इच्छा के अनुरुप ही किया गया। सहकार क्षेत्र में कांग्रेस व राकांपा का प्रभाव रहा है। लेकिन फडणवीस सरकार ने 5 वर्ष तक इस क्षेत्र में ही सबसे अधिक उलटफेर किए। सहकार संस्थाओं के कई नियम बदल दिए। बाजार समितियों के संबंध में भी ऐसे निर्णय लिए गए जिससे कांग्रेस व राकांपा को नुकसान हो। फिलहाल राज्य में 6 जिला परिषद के लिए चुनाव की तैयारी चल रही है। इन चुनावों में भी भाजपा को पराजित करने के लिए स्थानीय स्तर पर रणनीति बनाने को कहा। राकांपा सूत्र के अनुसार शरद पवार ने साफ कहा है कि विधानमंडल के अधिवेशन के दो दिन बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। विधायकों को जनता से जुड़े विषयों पर अधिक ध्यान देने को कहा है। यह भी बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात को ही राकांपा के प्रमुख नेताओं से पवार चर्चा करेंगे। वे राकांपा की ओर से मंत्री के नाम पर चर्चा करेंगे। विदर्भ से अनिल देशमुख,राजे धर्मराव बाबा आत्राम व राजेंद्र शिंगणे का नाम राकांपा कोटे से मंत्री तौर पर चर्चा में है। 

 

औढा नागनाथ और वसमत तहसील के गांवों के लिए जलापूर्ति योजना को मंजूरी

मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम अंतर्गत हिंगोली के औढा नागनाथ और वसमत तहसील स्थित मौजे पुरजल व 20 गांवों में प्रादेशिक जलापूर्ति योजना लागू होगी। इसके लिए सरकार ने हिंगोली जिला परिषद को 1 करोड़ 69 लाख 70 हजार रुपए मंजूर किया है। मंगलवार को राज्य सरकार के जलापूर्ति व स्वच्छता विभाग की तरफ से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। इसके अनुसार सरकार की ओर से मंजूर की गई धनराशि को आर्थिक वर्ष 2019-20 में खर्च करना आवश्यक होगा। हिंगोली जिला परिषद को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि निधि लैप्स न होने  पाए। जिन जलापूर्ति योजना का टेंडर ज्यादा दर से स्वीकृत किया गया होगा ऐसी योजनाओं को संशोधित प्रशासकीय मंजूरी प्राप्त किए बिना योजना पर मूल प्रशासकीय मंजूरी से ज्यादा राशि खर्च नहीं की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत निधि मांगते समय चालू आर्थिक वर्ष में वितरित निधि, खर्च हुई निधि और बकाया निधि के संबंध में जानकारी जमा किए बिना और राशि मंजूर नहीं की जाएगी। 

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