दैनिक भास्कर हिंदी: फिर से आया विवाह में डोली-कहार का ट्रेंड

February 21st, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। समय के साथ शादी का भी ट्रेंड बदलने लगा है। कभी शादी-विवाह का अहम हिस्सा रहे डोली-कहार एक बार फिर आधुनिकता के वेश में दिखाई दे रहे हैं। डोली-कहार भले ही लंबी दूरी के लिए न बुक किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ समय के लिए जरूर शादी की शान बन रहे हैं। यह लुप्त होती परंपरा पुनर्जीवित हो रही है। शादी में डोली का भी अरेंजमेंट किया जा रहा है। दुल्हन की एंट्री विक्टोरिया स्टाइल में जनवासे तक हो रही है, वहीं दूल्हा भी दुल्हन को लेने डोली में जा रहा है। इनके साथ 4 कहार नहीं, बल्कि 12 लोगों की टीम होती है। इसे शाही अंदाज देने के लिए अंग्रेजों का मुखौटा पहने लोग होते हैं।

समय ने बदला ट्रेंड 
भारतीय परंपराएं इतनी मजबूत हैं कि वह समाप्त नहीं होती हैं, बस समय के साथ अपना रूप बदल लेती हैं। कुछ ऐसा ही डोली-कहारों के साथ भी हुआ है। फैशन की दुनिया में डोली का ट्रेंड थोड़ा बदल गया है। अब दूल्हे भी दुल्हन को लेने के लिए डोली में बैठकर आते हैं। इस डोली को संभालने के लिए 12 लोगों की टीम में 2 तूतारी वाले, 3 पंजाबी ढोल, 2 राजदंड, 4 कहार और 1 छतरी वाला होता है। चारों कहार अंग्रेजों का मुखौटा पहने हुए होते हैं, जिसे देखकर शाही विवाह की फीलिंग होती है। 

दूल्हा महाराजा डोली में
शहर में यह कॉन्सेप्ट बहुत चल रहा है। डोली पहले दुल्हन के लिए हुआ करती थी, लेकिन अब दूल्हा भी महाराजा डोली में आता है। दूल्हे की डोली वाला कॉन्सेप्ट शहर में लाया गया है। आज इस ट्रेंड को बहुत पसंद किया जा रहा है। जब भी कोई विवाह की बुकिंग होती है, तो उसमें दुल्हन और दूल्हे दोनों के लिए डोली होती है। 
- सचिन जैन, दुकानदार

डोलियों के प्रकार

अब डोली सिम्पल नहीं होती है, यह भी कई प्रकार की होती है। इसकी सजावट भव्य होती है। डोली में वंदना डोली, नमन डोली, विक्टोरिया एंट्री डोली, स्पेशल डोली, फुलवारी डोली, कैरी डोली, दूल्हे के लिए महाराजा डोली आदि हैं। शादी की हर रस्म के लिए अलग-अलग डोली होती है। दुल्हन की एंट्री से लेकर उसकी विदाई तक के लिए डोली हैं। सबसे खास दूल्हे के लिए महाराजा डोली होती है, जिसमें दूल्हा शाही अंदाज में दुल्हन को लेने के लिए आता है।

फैशन को दिया जा रहा महत्व
डोली की परंपरा वैसे तो काफी पुरानी है, धीरे-धीरे इसका स्वरूप बदलता जा रहा है। आज के शादी समारोह में डोली का नए रूप में कॉन्सेप्ट आया है। अब डोली में बैठकर विदाई, तो नहीं होती, लेकिन उसका उपयोग शादी के विभिन्न अवसरों पर किया जा रहा है। यानी सब कुछ फैशन के हिसाब से किया जा रहा है। अब शादियां भी साधारण नहीं होती हैं। शादियों में फैशन ट्रेंड के हिसाब से अरेंजमेंट किया जाता है। दूल्हा-दुल्हन दोनों डोली में एंट्री करते हैं। विवाह के लिए हर फंक्शन का अरेंजमेंट शाही अंदाज में किया जाता है। हर कोई अपनी हैसियत के हिसाब से अरेंजमेंट करवाता है। इसमें आधुनिकता के हिसाब से फैशन ट्रेंड को तवज्जो दिया जा रहा है। 
- अशोक जैन, दुकानदार