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मियां बीवी राजी तो क्या करेगा काजी - पति के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर रद्द कराने पहुंची पत्नी

मियां बीवी राजी तो क्या करेगा काजी - पति के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर रद्द कराने पहुंची पत्नी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। जब मियां बीवी राजी तो क्या करेगा काजी इस कहावत का उल्लेख करते हुए बांबे हाईकोर्ट ने एक महिला प्रोफेसर द्वारा अपने डाक्टर पति के खिलाफ दायर एफआईआर को रद्द कर दिया है। मामले की ऑनलाइन सुनवाई के दौरान महिला ने न्यायमूर्ति एसएस शिंदे की खंडपीठ के सामने कहा कि कोरोना के दौरान अधिक काम के तनाव के चलते पैदा हुई गलतफहमी के चलते मैंने मामला दर्ज कराया था पर अब हमने आपसी सहमति से मामले को सुलझा लिया है। 

एक मेडिकल कालेज में माइक्रोबायोलॉजी की प्रोफेसर महिला ने कहा कि उसका वैवाहिक जीवन 20 सालों का है। कोरोना के शुरुआती दिनों में काम के बेहद तनाव के चलते वैवाहिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस दौरान उसे अपने पति के साथ अस्पताल में 18 घंटे काम करना पड़ता था। इसलिए घरेलू हिंसा के आरोपों के तहत मैंने मामला दर्ज कराया था। महिला के पति सरकारी अस्पताल में डाक्टर हैं। उनके दो बच्चे हैं। महिला ने कहा कि काउंसलिंग के बाद हमने अपने मतभेद सुलझाते हुए फिर से साथ रहने को राजी हुए हैं। 

डाक्टरों के लिए मन में बेहद सम्मान

इस पर खंडपीठ ने कहा कि हमें इस बात से बेहद खुश है कि दंपति ने अपने मतभेद सुलझा कर साथ में रहना तय किया है। इस दौरान खंडपीठ ने कहा कि हमारे मन में डाक्टरों के प्रति बेहद सम्मान है क्योंकि वे कोरोना महामारी से मुकाबला करने के लिए अपने परिवार व निजी जीवन की चिंता किए बगैर दिन रात काम कर रहे हैं। इस दौरान वकील ने मामला रद्द करने के विषय में आपत्ति जाहिर करने की कोशिश की तो खंडपीठ ने वकील से कहा कि क्या आपने यह नहीं सुना है कि ‘जब मिया बीवी राजी तो क्या करेगा काजी’। इसके बाद खंडपीठ ने मामले से जुड़ी एफआईआर को रद्द कर दिया।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।