महाराष्ट्र : नागपुर की बजाय मुंबई में होगा विधानमंडल का शीतकालीन सत्र, 29 को सलाहकार समिति की बैठक

November 25th, 2021

डिजिटल डेस्क,  मुंबई। महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन अधिवेशन नागपुर के बजाय मुंबई में आयोजित होगा। कोरोना महामारी के संकट के बीच लगातार दूसरी बार नागपुर में शीत सत्र नहीं हो सकेगा। गुरुवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शीत सत्र मुंबई में आयोजित करने का फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार मुंबई में 22 से 29 दिसंबर के बीच शीतकालीन अधिवेशन होगा। विधानमंडल के दोनों सदनों के कामकाज सलाहकार समिति की बैठक 29 नवंबर को बुलाई गई है। इस बैठक के संबंध में विधानमंडल सचिवालय आदेश जारी कर दिया है। विधानमंडल कामकाज सलाहकार समिति की बैठक में शीतकालीन सत्र की अवधि और कामकाज को लेकर, सदन में पेश किए जाने वाले विधयकों के संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके पहले विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से नागपुर में आयोजित करने की घोषणा की गई थी। लेकिन कोरोना संकट के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अस्पताल में भर्ती होने से विधानमंडल के कामकाज सलाहकार समिति की बैठक नहीं हो पाई थी। साथ ही विधान परिषद की कुल 6 सीटों पर चुनावों की घोषणा हुई थी। विधानमंडल कामकाज सलाहकार समिति की बैठक न होने के चलते नागपुर में तय समय पर अधिवेशन आयोजित करना मुश्किल हो गया था। इसके मद्देनजर विधानमंडल सचिवालय ने बीते 22 नवंबर को एक परिपत्र जारी करके 25 नवंबर को नागपुर विधानमंडल में सचिवालय का काम शुरू करने संबंधी आदेश पर रोक लगा दिया था। इसके बाद से स्पष्ट हो गया था कि नागपुर में शीत सत्र नहीं होगा। हालांकि राज्य में सत्ताधारी महाविकास आघाड़ी की सहयोगी दल कांग्रेस के मंत्री नागपुर में अधिवेशन आयोजित कराने के लिए इच्छुक थे। जबकि राकांपा और शिवसेना मुंबई में अधिवेशन आयोजित करने के पक्ष में थी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार का मनाना था कि कोरोना संकट में राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी है। इसलिए नागपुर के बजाय मुंबई में अधिवेशन आयोजित करने पर अतरिक्त खर्च बच सकेगा। 

नागपुर में शीत सत्र आयोजित न होना निंदनीय 

नागपुर करार के अनुसार शीतकालीन अधिवेशन उपराजधानी में आयोजित करने का नियम है। लेकिन विदर्भ की 2 करोड़ जनता की दृष्टि से नागपुर में शीत सत्र आयोजित न होना निंदनीय है। पर अब मुंबई के अधिवेशन में विदर्भ की जनता के लिए भरपूर निधि का प्रावधान किया जाना चाहिए। इसके बाद अगले साल मार्च में होने वाला बजट अधिवेशन नागपुर में आयोजित किया जाना चाहिए। उस बजट अधिवेशन की अवधि कम से कम दो महीने की होनी चाहिए।  

आशीष देशमुख, पूर्व विधायक तथा कांग्रेस नेता  

डॉ. संजय खडक्कार पूर्व विशेषज्ञ सदस्य विदर्भ वैधानिक विकास मंडल के मुताबिक मार्च में बजट अधिवेशन नागपुर में आयोजित हो हर साल दिसंबर में नागपुर में होने वाला शीत सत्र कोरोना की तीसरी संभावित लहर की संभावना के चलते इस बार भी मुंबई में आयोजित होगा। पिछले साल भी कोरोना के कारण नागपुर में शीत सत्र नहीं हुआ था। लेकिन विदर्भ की न्यायपूर्ण मांग और महाराष्ट्र में एक समान निधि के वितरण के लिए अगले साल मार्च में होने वाला बजट सत्र नागपुर में आहूत किया जाए। जिससे विदर्भ की समस्याओं पर न्याय मिल सकेगा। 

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