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नागपुर में बना दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी केंद्र, कोरोना के खिलाफ होगी निर्णायक लड़ाई !

नागपुर में बना दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी केंद्र, कोरोना के खिलाफ होगी निर्णायक लड़ाई !

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने कहा कि कोरोना मुक्त मरीज प्लाजा थेरेपी के माध्यम से अब संकट मोचक के रूप में आगे आ रहे हैं। विश्व का सबसे बड़ा ट्रायल थेरेपी केंद्र उपराजधानी शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विश्व के सबसे बड़े प्लाज्मा थेरेपी ट्रायल केंद्र का शुभारंभ किया है। प्लाज्मा थेरेपी का व्यापक प्रमाण में प्रयोग करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश के 23 चिकित्सा महाविद्यालयों में प्लाज्मा थेरेपी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री ने नागपुर स्थित सरकारी महाविद्यालय में प्लेटिना प्रोजेक्ट थेरेपी ट्रायल केंद्र का उद्धाटन किया। इस मौके पर प्लाज्मा डोनेशन, प्लाज्मा बैंक, प्लाज्मा ट्रायल और इमरजेंसी ऑथराइजेशन सुविधा का उद्धाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के गंभीर मरीजों को ठीक करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग पहली बार हो रहा है। हमें अभिमान है कि विश्व की सबसे बड़ी सुविधा महाराष्ट्र में शुरू हो रही है। 

प्लाज्मा थेरेपी का व्यापक इस्तेमाल करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अप्रैल में प्लाज्मा थेरेपी का पहला प्रयोग हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से प्रयोग के लिए मंजूरी मांगी। जिसके बाद राज्य को अब सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की दवाई और उपचार नहीं होने के कारण लक्षण के अनुसार कुछ विशेष दवाइयां दी जाती हैं। इससे एंटीबॉडी तैयार की जाती है। लेकिन यहां पर प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से तैयार एंटीबॉडी मरीजों को दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों के रक्त प्लाज्मा से दूसरे अन्य मरीज को कोरोना मुक्त करने के लिए प्रयास करना चाहिए। 10 में से 9 मरीज ठीक हुए, क्योंकि उन्हें हम समय पर प्लाज्मा दे पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लाज्मा बैंक तैयार कर उसे कोरोना के मरीजों को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेढ़ महीने पहले केंद्र सरकार की टीम राज्य में आई थी तब कोरोना की विचित्र परिस्थिति थी लेकिन पिछले दिनों वही केंद्रीय टीम वापस राज्य में आई तो महाराष्ट्र सरकार के प्रयासों की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के उपचार में महाराष्ट्र विश्व में आगे है। उन्होंने कोरोना विरूद्ध युद्ध जीतने का विश्वास व्यक्त किया। 

प्लाज्मा संकलन के लिए उपकरण दिया जाएगा

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य के 23 चिकित्सा महाविद्यालय में यह सुविधा होगी। विश्व में सौम्य लक्षण वाले मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का उपचार किया जाता है लेकिन महाराष्ट्र पहला राज्य है, जहां पर सौम्य के साथ गंभीर मरीजों पर भी प्लाज्मा थेरेपी उपचार किया जा रहा है। टोपे ने कहा कि जिन 10 जगहों पर मेडिकल कालेज की सुविधा नहीं है। ऐसे जगहों पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्लाज्मा संकलन के लिए उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं प्रदेश के राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने प्लाज्मा दान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि राज्य में प्लाज्मा थेरेपी का अभिनव प्रयोग हो रहा है। देशमुख ने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी सफल बनाने के लिए जनता में जागरूकता पैदा करनी चाहिए। 

प्लाज्मा थेरेपी के लिए 23 जगहों पर मंजूरी

महाराष्ट्र में 23 मेडिकल कॉलेज और मनपा अस्पतालों में प्लाज्मा थेरेपी की मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है। इसमें 17 जगहों पर उपचार शुरू हो रहे हैंं। कोरोना के मरीज अस्पताल से ठीक होकर जाने के बाद 10 दिन के उपरांत और 28 दिन के भीतर प्लाज्मा दान कर सकते हैं। डॉक्टर ठीक हुए मरीज के रक्त से प्लाज्मा निकाल सकते हैं। इससे तैयार होने वाली एंटीबॉडी को दूसरे मरीजों को दी जाती है। इससे मरीज की रोग प्रतिरोधक शक्ति अधिक प्रभावी रूप से काम कर सकती है। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए मरीज प्लाज्मा दान करने के लिए वेबसाइट पर www.plasmayoddha.in पंजीयन करा सकते हैं। 


 

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