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सरेराह युवक को घेर कर हत्या , 200 रुपए के लिए मध्यस्थता करने पर गंवानी पड़ी जान

सरेराह युवक को घेर कर हत्या , 200 रुपए के लिए मध्यस्थता करने पर गंवानी पड़ी जान

डिजिटल डेस्क, नागपुर । गड्डीगोदाम से किराना सामान लेकर घर लौट रहे एक युवक की हत्या कर दी गई। मृतक का नाम ऋषभ हेमंत मातने (24), लुंबिनी नगर, मेकोसाबाग निवासी है। आरोपियों ने पुरानी दुश्मनी व पैसे के लेनदेन में मध्यस्थता करने की बात को लेकर ऋषभ की हत्या की। इस हत्याकांड में आरोपियों ने लोहे के रॉड, ईंटों का इस्तेमाल किया। घटना के बाद आरोपियों की खोजबीन में जुटी जरीपटका पुलिस और क्राइम ब्रांच के दस्ते ने तीन आरोपियों को कलमना क्षेत्र से धरदबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश थापा (23), अर्नाल्ड उर्फ शेल्टीन (22), और विशाल उर्फ गोलू शेंडे (23) शामिल हैं। एक अन्य फरार आरोपी राज मेहता (23) की तलाश पुलिस कर रही है। 

पता चला है कि, कुछ दिन पहले ही ऋषभ का राज मेहता के साथ विवाद हुआ था। ऋषभ ने अपने दोस्त अज्जू लंगड्या के साथ मिलकर राज के साथ मारपीट की थी। हत्या के पहले आरोपियों ने मधुर वाइन शॉप से शराब खरीदकर एनआईटी के बगीचे में शराब पी और उसके बाद आकाश थापा के घर के पास जाकर खड़े हो गए। जैसे ही राजेश सैलून के समीप ऋषभ बाइक पर आता हुआ  दिखाई दिया। उन्होंने ऋषभ को घेर लिया और उस पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। 

हमला होते ही बाइक पर पीछे बैठा व्यक्ति भागा

पुलिस सूत्रों के अनुसार ऋषभ अपनी बाइक पर अपने परिचित के साथ गड्डीगोदाम से किराना सामान लेकर लौट रहा था। जैसे ही ऋषभ आकाश थापा के घर के सामने पहुंचा आरोपियों ने उसे घेर लिया। ऋषभ बाइक से उतरता इससे पहले ही राज ने ऋषभ के सिर पर लोहे के रॉड से हमला कर दिया, वह बाइक से नीचे गिर पड़ा। यह देख ऋषभ के साथ बाइक पर पीछे बैठा व्यक्ति वहां से भाग खड़ा हुआ। इस बीच आरोपियों ने ऋषभ पर रॉड, ईंट और लोहे के झारे से हमला कर उसे गंभीर रुप से जख्मी कर दिया। ऋषभ को मेयो अस्पताल में ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जरीपटका पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की खोजबीन शुरू की। क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त नीलोत्पल भी तत्काल मौके पर पहुंचे।   पता चला है कि, जरीपटका रिंग रोड पर जिंजर होटल के पास ऋषभ चायनीज का ठेला लगाता था।  

200 रुपए के लिए बढ़ा विवाद

सूत्रों ने बताया कि, कुछ दिन पहले आरोपी किसी व्यक्ति से उधार दिए 200 रुपए मांग रहे थे। इस दौरान ऋषभ ने मध्यस्थता की थी। यह बात आरोपियों को ठीक नहीं लगी। उनकी ऋषभ के बीच हाथापाई हो गई थी। उस समय ऋषभ वहां से जान बचाकर भाग गया था। तभी से आरोपियों की ऋषभ के साथ दुश्मनी चल रही थी। इस बीच ऋषभ ने मौका मिलने पर अपने दोस्त अज्जू लंगड्या के साथ मिलकर राज मेहता के साथ विवाद किया था। इसके बाद दोनों के बीच सुलह हो गई थी। बाद में आकाश थापा के साथ भी ऋषभ का विवाद हुआ था, तब ऋषभ और थापा के बीच हाथापाई हो गई थी। यह बात राज मेहता को पता चलने पर थापा और राज अपना काटा निकालने की फिराक में लग गए थे। ऋषभ और आरोपी एक ही बस्ती में रहते थे। आरोपियों को पता था कि, ऋषभ कब आता-जाता है। तुषार उर्फ सोनू विश्वास बागड़े की शिकायत पर पुलिस ने उक्त आरोपियों पर धारा 302,341,504,34 के तहत मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। जरीपटका के वरिष्ठ थानेदार पराग पोटे के नेतृत्व में थाने के उपनिरीक्षक शिंदे, हवलदार सुनील तिवारी, नायब सिपाही रवि अहीर, गणेश गुप्ता, लक्ष्मण चौरे व अन्य ने कार्रवाई में सहयोग किया। 
 

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