रीवा न्यूज: भागवत कथा ..भक्ति रूपी रस्सी से ही भक्त भगवान को बांध सकता है

डिजिटल डेस्क रीवा।
नगर डभौरा के प्राचीन देवी दाई मंदिर में हो रही श्रीमद् भागवत महापुराण के पंचम दिवस गोवर्धन पूजा, 56 भोग, गोपी गोपिकाओं एवं रुक्मणी विवाह की रोचक कथा सुनते हुए आचार्य बृजमोहन शास्त्री ने बताया कि भगवान कृष्ण गोपियों के घर नित्य माखन चुराकर खाते थे। गोपियों के वृत्तांत में आचार्य जी ने बताया की गोपियां किसे कहते हैं। माखन क्या है। उन्होंने बताया कि मटकी भगवान जब फोड़ते हैं तब बताते हैं कि जीव ही गोपिया हैं जब जीव रूपी गोपी के हृदय रूपी मटकी से भगवान मन रूपी माखन को जब चुरा लेते हैं तब जीव रूपी गोपियां भगवान के वियोग में तड़पने लगती हैं। जब माखन का दर्शन कर लेती हैं तभी शांति मिलती है। आगे आचार्य जी ने बताया कि एक बार मैया यशोदा ने भगवान कृष्ण को माखन चुराते देख लिया था तभी कन्हैया वहां से निकाल कर भागे तब मैया ने पीछा करके कन्हैया को पकड़ कर रस्सी से बांधने लगी लेकिन परमपिता परमेश्वर सारे जगत के जीवों को माया की डोरी से बांधकर नचाते हैं उसी परमात्मा को मैया रस्सी से बांधती हैं। स्वामी जी ने बताया कि जीव परमात्मा को तब बांध सकता है जब उसके पास भक्ति रूपी रस्सी होगी। भगवान ने गोवर्धन पर्वत उठाकर बृजवासियों की रक्षा करी। उन्होंने बताया कि भागवत में रसपांचा अध्याय की कथा आती है तथा दशम स्कंध मे भगवान का प्राण बताया है। भगवान महारास करके गोपियों के जीवन को धन करते हैं इसके बाद भगवान राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मणी का हरण करके द्वारका ले जाकर सुंदर पवन मुहूर्त में विवाह कर लेते हैं। इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ समाजसेवी बृजेंद्र कुमार पांडे, अरुण सिंह पिंटू, शरद चंद्र चौरसिया, संकेश्वर दत्त तिवारी, मनु कुमार जायसवाल, अंजू अमृतलाल गुप्ता ,राधा अनूप गुप्ता, सुनील यादव ,डॉक्टर सतीश चौरसिया, कमलेश केशरवानी, दीपू गुप्ता पूर्व सरपंच, रूपांजलि चौरसिया पूर्व जनपद सदस्य, डॉ राधेश्याम मिश्रा, मनीष केसरवानी बालाजी, रागिनी चौरसिया, आदि सैकड़ो भक्तजन उपस्थित रहे।
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