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WC 2019 : नहीं खुला अफगानिस्तान का खाता, आखिरी मैच में विंडीज ने 23 रनों से हराया

WC 2019 : नहीं खुला अफगानिस्तान का खाता, आखिरी मैच में विंडीज ने 23 रनों से हराया

हाईलाइट

  • ICC वर्ल्ड कप के 42वें मुकाबले में वेस्टइंडीज ने अफगानिस्तान को 23 रनों से हरा दिया
  • वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए थे
  • अफगानिस्तान की टीम 50 ओवर 288 रन बनाकर ऑलआउट हो गई

डिजिटल डेस्क, लंदन। ICC वर्ल्ड कप के 42वें मुकाबले में वेस्टइंडीज ने अफगानिस्तान को 23 रनों से हरा दिया है। लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 311 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम 50 ओवर 288 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। वेस्टइंडीज की तरफ से सबसे ज्यादा 77 रनों की पारी शाई होप ने खेली। उन्हें उनके इस प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अफगानिस्तान का वर्ल्ड कप में सफर बिना खाता खोले खत्म हुआ।

इस मैच के लिए वेस्टइंडीज ने टीम में दो बदलाव किए थे। सुनील एम्ब्रिस की जगह एविन लुइस और शेनन गेब्रियल की जगह केमार रोच को टीम में शामिल किया गया था है। वहीं अफगानिस्तान ने भी टीम में दो बदलाव किए थे। हामिद हसन और हसममुल्लाह शाहिदी के स्थान पर दौलत जादरान और सईद शिरजाद को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था। 

स्कोरकार्ड : वेस्टइंडीज

बल्लेबाजरनगेंद4s6s
क्रिस गेल कै. इकरम बो. दौलत71810
इविन लेविस कै. नबी बो. राशिद587862
शाई होप कै. राशिद बो. नबी779262
शिमरॉन हेटमायर कै. (सब.) नूर बो. दौलत393132
निकोलस पूरन रनआउट (इकरम/शिरजाद)584361
जेसन होल्डर कै. दौलत बो. शिरजाद453414
कार्लोस ब्रैथवेट नाबाद14421
फैबियन एलेन नाबाद0000

रन : 311/6, ओवर : 50, एक्स्ट्रा : 13.

विकेट पतन : 21/1, 109/2, 174/3, 192/4, 297/5, 297/6.

गेंदबाजी : मुजीब उर रहमान: 10-0-52-0, दौलत जादरान: 9-1-73-2, सैयद शिरजाद: 8-0-56-1, गुलबदीन नइब: 3-0-18-0, मोहम्मद नबी: 10-0-56-1, राशिद खान: 10-0-52-1.

स्कोरकार्ड : अफगानिस्तान

बल्लेबाजरनगेंद4s6s
गुलबदीन नइब कै. लेविस बो. रोच5610
रहमत शाह कै. गेल बो. ब्रैथवेट6278100
इकरम अली खिल एलबीडब्ल्यू बो. गेल869380
नजीबउल्लाह जादरान रनआउट (हेटमायर/ब्रैथवेट)313811
असगर अफगान कै. होल्डर बो. ब्रैथवेट403241
समिउल्लाह शिनवारी कै. हेटमायर बो. रोच6900
मोहम्मद नबी कै. फैबियन बो. रोच6900
राशिद खान कै. होल्डर बो. ब्रैथवेट91601
दौलत जादरान कै. कॉटरेल बो. ब्रैथवेट1200
सैयद शिरजाद कै. फैबियन बो. थॉमस251722
मुजीब उर रहमान नाबाद7510

रन : 288/10, ओवर : 50, एक्स्ट्रा : 14.

विकेट पतन : 5/1, 138/2, 189/3, 194/4, 201/5, 227/6, 244/7, 255/8, 260/9, 288/10.

गेंदबाजी : शेल्डन कॉटरेल: 7-0-43-0, केमार रोच: 10-2-37-3, ओशाने थॉमस: 7-0-43-1, जेसन होल्डर: 8-0-46-1, फैबियन एलेन: 3-0-26-0, कार्लोस ब्रैथवेट: 9-0-63-4, क्रिस गेल: 6-0-28-1.

टीमें

वेस्टइंडीज : जेसन होल्डर (कप्तान), क्रिस गेल, इविन लेविस, शाई होप (विकेटकीपर), शिमरॉन हेटमायर, निकोलस पूरन, कार्लोस ब्रैथवेट, फैबियन एलेन, शेल्डन कॉटरेल, ओशाने थॉसम, केमार रोच।

अफगानिस्तान : गुलबदीन नइब (कप्तान), रहमत शाह, असगर अफगान, मोहम्मद नबी, समिउल्लाह शिनवारी, नजीबउल्लाह जादरान, इकरम अली खिल (विकेटकीपर), राशिद खान, दौलत जादरान, सैयद शिरजाद, मुजीब उर रहमान।

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।