दैनिक भास्कर हिंदी: 47 के हुए सौरव गांगुली, जानिए भारतीय क्रिकेट के 'दादा' के बारे में

July 8th, 2019

हाईलाइट

  • 47 के हुए बंगाल के टाइगर सौरव गांगुली
  • 'प्रिंस ऑफ़ कोलकता' 'दादा' और 'द बंगाल टाइगर' के नाम से लोकप्रिय हैं सौरव गांगुली
  • ऑफ साइड के सबसे बेहतरीन बल्लाबाजों में से एक रहे हैं सौरव गांगुली

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रिंस ऑफ़ कोलकाता सौरव गांगुली आज अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं। सौरव गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को पश्चिम बंगाल में हुआ था। भारतीय क्रिकेट के महान कप्तानों में से एक सौरव गांगुली 'दादा' और 'द बंगाल टाइगर' के नाम से क्रिकेट प्रशसंकों के बीच लोकप्रिय हैं। गांगुली को आक्रामक कप्तानी और बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। गांगुली का नाम ऑफ साइड के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों की लिस्ट में शुमार है।

सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स के मैदान पर शतक जमाने के बाद अपने ही अंदाज में टेस्ट क्रिकेट से अलविदा कहा था। गांगुली उस समय भारत के तीसरे ऐसे बल्लेबाज थे जिनके नाम सबसे ज्यादा 18,575 रन थे। दादा ने 183 रनों की सबसे बड़ी और शानदार पारी खेली थी। ये उस समय किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे बड़ा स्कोर था। 

सौरव गांगुली आज भी विदेशी जमीन पर सबसे सफल कप्तान माने जाते हैं। दादा वही कप्तान थे जो टीम इंडिया को 2003 में वर्ल्ड कप के फाइनल तक लेकर गए थे। जब दादा ने टीम इंडिया की जर्सी को नेटवेस्ट ट्रॉफी की जीत के बाद इंग्लैंड के खिलाफ मैदान के बीच में लहराया था, वो मैदान में अलग ही अंदाज था। 

गांगुली को 2004 में पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। अपने करियर के 113 टेस्ट मैचों में 42.14 की औसत से उन्होंने 7213 रन बनाए, जिनमें 16 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं 311 वनडे मैचों में उन्होंने 41.02 की औसत से 11363 रन बनाए, जिनमें 22 शतक और 72 अर्धशतक शामिल हैं। 

सौरव गांगुली के 47वें जन्मदिन पर पढ़ें उनसे जुड़े कुछ चर्चित बयान:

युवराज सिंह - मैं ऐसे कप्तान के लिए मरने के लिए भी तैयार हूं।

इयान हिली (पूर्व ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ) - सौरव गांगुली माइंड गेम के नए स्टीव वॉ हैं।

बाइचुंग भूटिया (भारत के स्टार फुटबॉलर) - सौरव ही एकमात्र वजह हैं जिसकी वजह से मैं आज क्रिकेट प्रेमी हूं।

सचिन तेंदुलकर - सौरव की सबसे बड़ी ताकत उनका दिमाग है। वह न सिर्फ नेट्स में बल्कि मानसिक तौर पर भी कड़ी मेहनत करने वाले हैं। वह वापसी करते हैं।

 एमएस धोनी - ईमानदारी से कहूं तो टीवी स्क्रीन पर वह बहुत ही अलग दिखते हैं। अगर आप उनसे वास्तव में मिलें तो वह बहुत ही जोशीले व्यक्ति हैं।

ऑस्ट्रेलियन टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ - गांगुली पहले ऐसे कप्तान थे जिन्होंने भारतीय जिस तरह खेलता है उसकी धारणा बदल दी। अब भारत और ऑस्ट्रेलियाई टीम में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है।