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3rd WOMEN IPL: कल से तीन टीमों के बीच होंगे चार मैच, 9 नवंबर को फाइनल

3rd WOMEN IPL: कल से तीन टीमों के बीच होंगे चार मैच, 9 नवंबर को फाइनल

हाईलाइट

  • सुपरनोवाज ने अब तक पिछले दोनों टूर्नामेंट में अपने सभी मैच जीते
  • वेलोसिटी का दारोमदार काफी हद तक 16 वर्षीय शेफाली वर्मा पर टिका रहेगा
  • बीसीसीआई ने 2018 में इस टूर्नामेंट की शुरुआत की थी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पुरुषों की इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) अपने अंतिम चरण में है। वहीं बुधवार से तीसरे वूमन इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत होगी। इसमें 3 टीमों के बीच चार मुकाबले होंगे और 9 नवंबर को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 3 टीमें मौजूदा चैंपियन सुपरनोवाज, पिछले साल का उप विजेता वेलोसिटी और ट्रेलब्लेजर्स भाग लेंगी। इसमें भारतीय महिला क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़़ियों के अलावा इंग्लैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज की खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ अपना कौशल और दमखम दिखाएंगे।

पुरुषों की इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) अपने अंतिम चरण में है। वहीं बुधवार से तीसरे वूमन इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत होगी। इसमें तीन टीमों के बीच चार मुकाबले होंगे और 9 नवंबर को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 3 टीमें मौजूदा चैंपियन सुपरनोवाज, पिछले साल का उप विजेता वेलोसिटी और ट्रेलब्लेजर्स भाग लेंगी। इसमें भारतीय महिला क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़़ियों के अलावा इंग्लैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज की खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ अपना कौशल और दमखम दिखाएंगे। 

अजेय हैं सुपरनोवाज
हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम सुपरनोवाज ने अब तक पिछले दोनों टूर्नामेंट में अपने सभी मैच जीते हैं। वह अपने अभियान की शुरुआत मिताली राज की अगुवाई वाले वेलोसिटी टीम के खिलाफ करेगी और उसकी निगाह लगातार तीसरा खिताब जीतने पर टिकी रहेगी। हरमनप्रीत पिछले टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में थी। उन्होंने तीन मैचों में से दो में अर्धशतक जमाए। फाइनल में उनकी 37 गेंदों पर 51 रन की पारी ने जीत में अहम भूमिका निभाई थी। भारत की टी-20 कप्तान अपनी शानदार फॉर्म में वापसी करने की कोशिश करेंगी। इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया में महिला विश्व टी-20 में उन्होंने लचर प्रदर्शन किया था। हरमनप्रीत ने पांच मैचों में 6.00 की औसत से रन बनाए जिसका खामियाजा भारत ने भुगता और उसे उप विजेता से संतोष करना पड़ा। जेमिमा रॉड्रिग्स पर भी सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। पिछले सत्र में मुंबई की इस क्रिकेटर ने सर्वाधिक 123 रन बनाए थे ओर उन्हें टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था।

वेलोसिटी भी किसी से कम नहीं
विरोधी टीम में मिताली आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिए तैयार होगी। पिछले साल आखिरी ओवर में चार विकेट गंवाने से उनकी टीम को हार झेलनी पड़ी थी और अब उनकी टीम उसका बदला चुकता करने की कोशिश करेगी। वेलोसिटी का दारोमदार काफी हद तक 16 वर्षीय शेफाली वर्मा पर टिका रहेगा जिन्होंने विश्व टी-20 में सर्वाधिक नौ छक्के लगाए थे। सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कोविड-19 के कारण फरवरी-मार्च में महिला विश्व टी-20 के बाद पहली बार मैदान पर दिखेंगे। इसलिए उनके फिटनेस स्तर को देखना दिलचस्प होगा।

ट्रेलब्लेजर्स की कमान स्मृति मंधाना के पास
टूर्नामेंट में थाईलैंड के सलामी बल्लेबाज नाथकन चंथाम भी हिस्सा लेंगी, जिन्होंने विश्व टी-20 में अपने देश की तरफ से पहला अर्धशतक जमाया था। वह टूर्नामेंट में खेलने वाली पहली एसोसिएट क्रिकेटर हैं। वह ट्रेलब्लेजर्स की तरफ से खेलेगी जिसकी कप्तान भारतीय सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना हैं। ट्रेलब्लेजर्स की टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी, इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेसटोन और वेस्टइंडीज की स्टार डींड्रा डोटिन शामिल हैं। बीसीसीआई ने 2018 में इस टूर्नामेंट की शुरुआत की थी। पहले टूर्नामेंट में केवल एक मैच मुंबई में खेला गया था। तब हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाले सुपरनोवाज ने ट्रेलब्लेजर्स को तीन विकेट से हराया था।

सुपरनोवाज: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रॉड्रिग्स (उप कप्तान), चमारी अटापट्टू, प्रिया पुनिया, अनुजा पाटिल, राधा यादव, तानिया भाटिया (विकेटकीपर), शशिकला सिरीवर्धने, पूनम यादव, शकीरा सेल्मन, अरुंधति रेड्डी, पूजा वस्त्राकर, आयुषी सोनी, अयाबोंगा खाका और मुस्कान मलिक।

वेलोसिटी: मिताली राज (कप्तान), वेदा कृष्णमूर्ति (उप कप्तान), शेफाली वर्मा, सुषमा वर्मा (विकेटकीपर), एकता बिष्ट, मानसी जोशी, शिखा पांडे, देविका वैद्य, सुश्री दिब्यादर्शनी, मनाली दक्षिणिनी, लीघ कास्पेरेक, डैनियल वाइट, सुन लूस, जहाँआरा आलम और एम अनघा।

ट्रेलब्लेजर्स: स्मृति मंधाना (कप्तान), दीप्ति शर्मा (उप कप्तान), पूनम राउत, ऋचा घोष, डी हेमलता, नुजहत परवीन (विकेटकीपर), राजेश्वरी गायकवाड़, हरलीन देओल, झूलन गोस्वामी, सिमरन दिल बहादुर, सलमा खातून, सोफी एक्लेस्टोन, नाथकन चंथाम, डींड्रा डोटिन और काशवी गौतम।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।