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World Cup 2019: वॉर्नर के 500 रन पूरे, तोड़ सकते हैं सचिन का यह बड़ा रिकॉर्ड

World Cup 2019: वॉर्नर के 500 रन पूरे, तोड़ सकते हैं सचिन का यह बड़ा रिकॉर्ड

हाईलाइट

  • डेविड वॉर्नर ICC वनडे वर्ल्ड कप 2019 में 500 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने
  • वॉर्नर ने सात मैचों में 83.33 की औसत से 500 रन बनाए, 2 शतक और 3 अर्धशतक भी जड़े

डिजिटल डेस्क, लंदन। ऑस्ट्रेलिया के सलमी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ICC वनडे वर्ल्ड कप 2019 में 500 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में अब तक सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। वॉर्नर इस समय शानदार फॉर्म से गुजर रहे हैं। अगर वे टूर्नामेंट में ऐसे ही खेलते रहे तो भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का वर्ल्ड कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी तोड़ देंगे। सचिन ने यह रिकॉर्ड 2003 वर्ल्ड कप में बनाया था। 

वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को लॉडर्स स्टेडियम में खेले गए मैच में मेजबान इंग्लैंड को 64 रनों से हराया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया इस वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम भी बन गई है। इस मैच में वॉर्नर ने 61 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 53 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली।

इस पारी के साथ ही वह इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए  हैं। वॉर्नर ने 7 मैचों में एक बार नाबाद रहते हुए 83.33 की औसत से 500 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 3 अर्धशतक भी शामिल हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 166 रन है। वार्नर ने अब तक कुल 46 चौके और 6 छक्के भी लगाए हैं। 

इस वर्ल्ड कप में वार्नर के अलावा उनकी ही टीम के कप्तान एरॉन फिंच, बांग्लादेश के शाकिब अल हसन, भारत के रोहित शर्मा, न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन और इंग्लैंड के जोए रूट ने भी 2-2 शतक लगाए हैं। यह सभी खिलाड़ी भी टूर्नामेंट में 500 रन बनाने के करीब हैं।

सचिन ने 2003 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 673 रन बनाते हुए गोल्डन बैट अवार्ड जीता था। उस साल भारत सौरव गांगुली की कप्तानी में फाइनल में पहुंचा था, लेकिन फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के लिए कप्तान रिकी पोंटिंग ने 140 रनों की पारी खेली थी। ऑस्ट्रेलिया ने उस मैच में दो विकेट पर 359 रन बनाए थे, जबकि भारतीय टीम 234 रनों पर ही आउट हो गई थी।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।