comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल आईपीएल की वजह से टला, अब 18 से 22 जून के बीच होगा

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल आईपीएल की वजह से टला, अब 18 से 22 जून के बीच होगा

हाईलाइट

  • आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच हुआ स्थगित
  • 10 जून को नहीं बल्कि अब 18 तारीख से होगा शुरू

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल अब 18 जून से 22 जून के बीच खेला जाएगा। 23 जून रिज़र्व डे रहेगा। पहले यह लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में 10 से 14 जून तक आयोजित होने वाला था। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल और इंडियन प्रीमियर लीग के 2021 संस्करण के फाइनल के बीच निकटता को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर तारीखों का ऐलान अभी बाकी है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने ये जानकारी दी है।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत का खेलना लगभग तय है। वर्तमान में, भारत और न्यूजीलैंड डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में शीर्ष दो स्थानों पर है। पांच सीरीज खेलने के बाद विराट कोहली के पक्ष में 430 अंक हैं, जबकि पांच श्रृंखला खेलने के बाद न्यूजीलैंड के 420 अंक हैं। WTC के तहत भारत एक और सीरीज इंग्लैंड के साथ खेलेगा। वहीं तीसरे नंबर पर काबिज ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका के साथ सीरीज खेलना है। अगर ऑस्ट्रेलिया को डब्ल्यूटीसी के फाइनल में जगह बनाना है तो उसे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी।

आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच पॉइंट टेबल में टॉप-2 टीम के बीच खेला जाएगा। आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का यह पहला संस्करण है और इसमें नौ टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, श्रीलंका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश क्रिकेट टीमें इसका हिस्सा हैं। टॉप-4 की बात करें तो भारत और न्यूजीलैंड के बाद क्रम से ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड का नंबर आता है। 

पिछले साल, आईसीसी ने कोविड-19 महामारी के कारण डब्ल्यूटीसी के पॉइंट रेटिंग सिस्टम को बदलने का फैसला किया था। WTC टेबल को अब खेली गई श्रृंखला से अर्जित अंकों के प्रतिशत के आधार पर संशोधित किया गया है, जिसका अर्थ है कि अर्जित अंकों के प्रतिशत के क्रम में टीमों को स्थान दिया गया है। टेस्ट चैंपियनशिप सिर्फ ICC के दिल के करीब का प्रोजेक्ट नहीं है, यहां तक ​​कि कोहली जैसे सितारों ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि यह कैसे सिस्टम का इंटीग्रम पार्ट है, और इसे जीतना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

कमेंट करें
idAlz
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।