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Jodhpur: 11 पाकिस्तानी विस्थापितों के शव मिले, खुदकुशी या जहरीली गैस से मौत होने का शक

Jodhpur: 11 पाकिस्तानी विस्थापितों के शव मिले, खुदकुशी या जहरीली गैस से मौत होने का शक

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में जोधपुर जिले के देचू थाना इलाके में रविवार को एक ही परिवार के 11 लोगों के शव मिले। ये सभी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए थे। 2015 के बाद से यहां रह रहे थे। वह खेत किराए पर लेकर खेती करते थे। हालांकि अभी ये पता नहीं चल पाया है कि इन सभी लोगों की मौत किस वजह से हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शवों को पोस्ट मॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार का एक मात्र सदस्य जीवित बचा है।

क्या कहा पुलिस अधीक्षक ने?
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल बारहट ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उनके एक रिश्तेदार ने पारिवारिक विवाद को मौत का कारण बताते हुए हमें एक लिखित रिपोर्ट दी है। आगे की जांच जारी है। उन्होंने कहा, अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा। बॉडी पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं है। प्रथम दृष्टया जाहिर होता है कि सभी सदस्यों ने रात में किसी जहरीली रसायन का सेवन किया था, जिससे इन लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि झोंपड़ी में चारों ओर किसी रसायन की गंध थी, जिससे लगता है कि इन्होंने कुछ जहरीला पदार्थ खाया होगा। मरने वालों में बुधाराम (75), बुधाराम की पत्नी अंतरा देवी (70), बुधाराम की बेटियां लक्ष्मी (40), पिया (25), सुमन (22), बेटा रवि (35), केवलराम की बेटी दिया (5), बेटे दानिश (10), दयाल (11), सुरजाराम की बेटियां तैन (17) और मुकदश (16) है। 

क्या कहा केवलराम ने?
परिवार का एकमात्र सदस्य जो जिंदा बचा है उसका नाम केवलराम है। केवलराम ने बताया कि शनिवार रात साढ़े 9 बजे तक सभी ने साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद 10.45 बजे तक सभी साथ बैठकर बाते करते रहे। खेत में नीलगाय आती हैं और फसल को खराब कर देती हैं इसलिए वह करीब 11.45 बजे खेत में रखवाली करने चले गए। 2 घंटे तक वहां घूमकर चौकीदारी करने के बाद केवलराम वहीं सो गए। सुबह करीब 6.45 बजे उठकर जब वह घर पहुंचे तो सभी को सोते देखकर आश्चर्य हुआ। जगाकर देखा तो एक भी जीवित नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपने भांजे को फोन किया। जानकारी मिलते ही बहन-बहनोई और भांजा पहुंचे। इसके बाद अन्य लोगों को सूचना दी गई।

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