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उप्र में बिजली गिरने व आंधी तूफान से 13 की मौत

May 31st, 2020 15:12 IST
उप्र में बिजली गिरने व आंधी तूफान से 13 की मौत

हाईलाइट

  • उप्र में बिजली गिरने व आंधी तूफान से 13 की मौत

डिजिटल डेस्क, लखनऊ, 31 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार रात आई आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने के कारण 13 लोगों की जान चली गई। मारे गए लोगों में आठ उन्नाव से और कन्नौज जिले से पांच लोग शामिल हैं। वहीं कई जिलों में संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये और घायल व्यक्तियों के उचित इलाज की घोषणा की है।

उन्नाव के अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) राकेश सिंह ने कहा, जिले में बारिश और आंधी में आठ लोगों की मौत हो गई। जापसारा गांव में बिजली गिरने से एक 14 वर्षीय लड़की और एक 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं बिजली गिरने से एक 70 वर्षीय महिला को भी गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें सुमेरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एडीएम ने कहा कि बिजली गिरने से हरिश्चंद्रपुर निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बस्ती खेड़ा निवासी 26 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो उस पर पेड़ गिरने से हो गई। वहीं आंधी के दौरान सेमरिमऊ और परशुराम पुरवा गांवों के दो व्यक्तियों की मौत तब हो गई जब उन पर पेड़ गिर गया।कन्नौज जिले के विभिन्न हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने से करीब पांच लोगों की मौत हो गई है।अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) गजेंद्र कुमार ने कहा कि छतरपुर गांव में एक गैस सर्विस गोदाम की छत गिरने से पिकअप वाहन के 45 वर्षीय चालक की मौत हो गई।

सुरसा गांव के दिनेश पाल की दीवार गिरने के कारण उसके नीचे आने से मौत हो गई, जबकि भिकनीपुरवा निवासी 80 वर्षीय व्यक्ति की मौत भी घर की दीवार गिरने से उसके नीचे दबने से हो गई।वहीं तिजलापुर गांव में तेज हवाओं के कारण एक ट्रोली के पलटने से उसके नीचे आए आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। यह चौथी मौत थी।पांचवीं मौत रमाईपुर में हुई, जहां एक पेड़ के गिरने के दौरान उसकी चपेट में आए एक युवक की मौत हो गई। लखनऊ में शनिवार शाम को 57.4 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। इसने एक दिन में हुई इतनी बारिश का 61 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।