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लॉकडाउन में नौकरी गई, एप के जरिए लोन लिया, नहीं चुका पाए तो रिकवरी एजेंटों से परेशान होकर लोगों ने की आत्महत्या

लॉकडाउन में नौकरी गई, एप के जरिए लोन लिया, नहीं चुका पाए तो रिकवरी एजेंटों से परेशान होकर लोगों ने की आत्महत्या

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। लॉकडाउन ने देश के तमाम लोगों की नौकरी छीन ली। जिसकी वजह से कुछ काम करने के लिए विभिन्न ऐप से लोन लेने की शुरुआत हुई। लेकिन उनमें से बहुत लोग लोन नहीं भर पाएं और रिकवरी एजेंटों के द्वारा इतना परेशान किया गया कि तंग आकर बहुत से लोगों ने आत्महत्या कर ली। जबकि अन्य मदद के लिए पुलिस से संपर्क कर रहे हैं, यहां तक ​​कि एजेंसियां ​​कानूनी खामियों और इस खतरे को रोकने के तरीकों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, मंगलवार को साइबराबाद और हैदराबाद पुलिस ने गुड़गांव और हैदराबाद से 19 लोगों को देशभर में तत्काल पैसा देने वाले ऐप घोटाले में गिरफ्तार किया हैं। 

Best Loan App in India: In Which Situation Should you Opt for an Instant Personal Loan?

पुलिस ने रैकेट की दी जानकारी

साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर सज्जनार ने कहा कि,"हमने बैंकों को लिखा है और 1.5 करोड़ रुपए से अधिक के 18 खाते फ्रीज किए हैं।"  रैकेट में चीन से धोखाधड़ी करने वालों की संलिप्तता पर संदेह है। वहीं, हैदराबाद पुलिस ने कहा कि वह कम से कम 30 ऐप से जुड़े करोड़ों के मनी लोनिंग रैकेट की जांच में जल्द ही ईडी और आईटी विभागों को शामिल करेगी। साथ ही देश भर में हजारों लोगों को निशाना बनाया गया है।

तेलंगाना में अब तक तीन लोग आत्महत्या कर चुके हैं। सिद्दीपेट में एक 24 वर्षीय, कृषि विस्तार अधिकारी के.मौनिका ने 3 लाख रुपए का ऋण लिया था और समय पर उसे न चुकाने के कारण, ऐप कंपनी ने उसे डिफॉल्टर का ब्रांड बताते हुए सोशल मीडिया पर उनकी फोटो, नाम और टेलीफोन नंबर साझा किया। जिसके बाद उन्होनें 16 दिसंबर को आत्महत्या कर ली। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक महिला जिसने एक ऐप से 20000 रुपए का ऋण लिया था, उसे परेशान किया गया क्योंकि वह ईएमआई देने में एक दिन चूक गई थी। उन्हें धमकियां दी जाने लगीं, उनके परिचत नंबरों पर फोटो भेजकर इन्हें फ्राड बताया जाने लगा। धमकी दी गई कि वसूले करने वालों को घर पर भेजेंगे। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।