comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

उत्तर प्रदेश में एक और लॉकडाउन की अफवाह से खरीददारी में जुटे लोग

June 09th, 2020 16:09 IST
उत्तर प्रदेश में एक और लॉकडाउन की अफवाह से खरीददारी में जुटे लोग

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश में एक और लॉकडाउन की अफवाह से खरीददारी में जुटे लोग

डिजिटल डेस्क, लखनऊ, 9 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के साथ ही देश भर में कोरोनावायरस मामलों में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। इस बीच एक बार फिर से लॉकडाउन लागू होने की अफवाह के चलते राज्य के लोग जरूरी सामानों की खरददारी करने उमड़ पड़े।

सोमवार को अधिकतर दुकानें, शॉपिंग मॉल फिर से खुल गए, लेकिन बहुत कम संख्या में लोग इन जगहों पर पहुंचे। लेकिन किराने की दुकानों, बुक स्टोर, स्टेशनरी और बैंकों में सामान्य दिनों से बहुत अधिक संख्या में ग्राहकों को देखा गया।

महानगर इलाके में किराना की दुकान चलाने वाले अनिकेत अग्रवाल ने कहा, हमारे यहां आए ग्राहक भारी मात्रा में समानों की खरीददारी कर रहे थे और जब हमने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस के मामलों में वृद्धि के कारण एक बार फिर से लॉकडाउन हो सकता है।

उन्होंने कहा कि लोग अनाज के अलावा डेयरी व्हाइटनर, बेबी फूड, सेनेटरी पैड, डायपर और रेडी टू ईट फूड बड़ी मात्रा में खरीद रहे हैं।राज्य की राजधानी में छात्रों ने पुस्तक और स्टेशनरी स्टोर से बड़ी मात्रा में खरीददारी की।कक्षा 9 की छात्रा अलीशा सिद्दीकी ने कहा, हम लोग ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं और यह अगले दो-तीन महीनों तक चलने वाला है, इसलिए हम अपनी जरूरत की किताबें खरीद रहे हैं।

गृहिणी श्यामली रॉय ने कहा, हम आवश्यक उपयोग के सामान यहां तक कि शैंपू, साबुन, टूथपेस्ट, होजरी के सामान और स्नैक्स खरीद रहे हैं, ताकि फिर लॉकडाउन होने से घर में कोई समस्या पैदा न हो। हमें पता है कि लॉकडाउन में किन चीजों की अधिक जरूरत होगी।

अधिकांश बैंकों में भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली।एक निजी बैंक के जूनियर एक्जीक्यूटिव गौरव ने कहा, हमारे यहां कई ग्राहक पैसे निकालने के लिए आए थे, जबकि पैसा जमा करने वालों की संख्या बहुत कम थी।इस बीच, सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक और लॉकडाउन की अफवाह फैल रही है, हम नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, हम पूरी तरह से तैयार हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कमेंट करें
ShTk8
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।