comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

उन्नाव: दलित लड़कियों की मौत पर खुलासा, एकतरफा प्रेम में जिसे मारने आया था उसकी जान बची, अन्य दो की मौत

उन्नाव: दलित लड़कियों की मौत पर खुलासा, एकतरफा प्रेम में जिसे मारने आया था उसकी जान बची, अन्य दो की मौत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में दलित परिवार की दो लड़कियों की संदिग्ध मौत के मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। शुक्रवार शाम पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी का नाम विनय उर्फ लंबू है। वहीं दूसरा आरोपी विनय का दोस्त है जो नाबालिग है।

IG लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आरोपी विनय दलित लड़की को जानता था और उससे प्यार का इजहार किया था। विनय ने लड़की से मोबाइल नंबर भी मांगा था, लेकिन लड़की ने वह भी देने से मना कर दिया था। विनय इस बात से बेहद नाराज था। इसलिए उसने पानी की बोतल में कीटनाशक मिलाकर लड़की को पिला दिया। बाकि लड़कियों ने भी पानी छीन कर पीया और बेहोश हो गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी विनय ने बताया कि वो जिस लड़की से प्रेम करता था वो अस्पताल में भर्ती है और अन्य दो लड़की की मौत हो गई।

जिस लड़की को मारना था वह अस्पताल में मौत से लड़ रही जंग
17 फरवरी को बबुरहा गांव में खेत में तीन लड़कियां संदिग्ध हालात में मिली थीं। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। दो की मौत हो गई और एक का इलाज कानपुर में चल रहा है। उसकी हालत नाजुक है। पुलिस ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से कीटनाशक की बोतल, खाली पानी की बोटल, नमकीन के खाली पैकेट्स और सिगरेट बट मिले थे।

पहले नमकीन खिलाया फिर, कीटनाशक मिला पानी पीने के लिए दे दिया
पुलिस के मुताबिक आरोपी विनय ने बताया कि वो घटना के दिन घर से पानी की बोतल लेकर आया था, जिसमें कीटनाशक मिला हुआ था। अपने साथी के साथ वो नमकीन लेकर खेत पर पहुंचा, यहां तीनों लड़कियां पहले से ही थीं। उसने घटना वाले दिन अन्य दोनों लड़कियों से नमकीन भी मंगवाए थे। आरोपी ने एक ही लड़की को कीटनाशक मिला हुआ पानी पीने को दिया था, लेकिन उसकी बोतल से बाकी दोनों लड़कियों ने भी पानी पी ली। थोड़ी देर के बाद सभी लड़कियों के मुंह से झाग निकलने लगा। यह देखकर दोनों आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए।

ग्रामीणों ने आरोपियों को भागते देखा था, इसके बाद हुई गिरफ्तारी
घटना के दिन दो युवकों को खेतों से भागते हुए देखा गया था। इसके बाद उनकी तलाश की गई। सर्विलांस और स्वाट टीमें लगाई गईं। एक मुखबिर ने सूचना दी। इसके बाद पाठकपुरा गांव से आरोपी विनय और उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया गया।

कमेंट करें
zTYpK
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।