दैनिक भास्कर हिंदी: रवि और सर्वार्थसिद्धि योग में 13 को मनाई जाएगी शरद पूर्णिमा

October 12th, 2019

 डिजिटल डेस्क दमोह । अश्विन  शुक्ल पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा रविवार सर्वार्थ सिद्धि योग में   13 अक्टूबर को मनाई जाएगी ।यह योग 5 साल बाद बन रहा है इस पर्व को मनाने के लिए दमोह में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही 13 अक्टूबर को ही बाल्मीकि जयंती भी मनाई जाएगी। एसपीएम नगर स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर के पुजारी पं बालकृष्ण शास्त्री एवं पं आशुतोष गौतम शास्त्री ने बताया कि 13 अक्टूबर को अश्विन शुक्ल पक्ष स्नान दान व्रत पूर्णिमा पर महर्षि बाल्मीकि जयंती व शरद पूर्णिमा मनाया जाएगा  ।इसके साथ ही कार्तिक स्नान शुरू होगा जो 1 माह तक चलेगा ।  मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होती है ।शरद पूर्णिमा को  जागरी व्रत पूर्णिमा भी कहते हैं। मान्यता है कि इस रात माता लक्ष्मी घूमने आती हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। दूसरी मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ महा रास रचाते हैं। चांदनी में रात भर खुले में रखी खीर का  प्रसाद बाटता है। पंडित रवि शास्त्री ने बताया कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होने को लेकर किवदंती है। इसी कारण इस दिन खीर बनाकर रात भर खुले आसमान तले चांदनी में रखकर अगले दिन प्रात: काल में खाने का विधि विधान है। इस पूर्णिमा को आरोग्य हेतु फलदायक माना जाता है ।मान्यता के अनुसार चंद्रमा की किरणों से हुई अमृत वर्षा भोजन में मिल जाती है जिसे खाने से दमे की बीमारी दूर हो जाती है। आयुर्वेद के ग्रंथों में भी इस रात की चांदनी के औषधीय महत्व का वर्णन मिलता है ।
मंदिरों में होंगे आयोजन 
शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर श्री गौर राधारमण मंदिर, बूंदा बहू मंदिर ,राधा बहू मंदिर ,श्री शिव शनि हनुमान मंदिर , बाँके बिहारी मंदिर आदि सहित अनेक मंदिरों में आयोजनों की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं ।इसके तहत प्रसाद वितरण एवं आयोजन किए जाएंगे ।
शरद पूर्णिमा व्रत मुहूर्त
 पूर्णिमा आरंभ 13 अक्टूबर को रात्रि 12:38: 43 सेकंड से पूर्णिमा समाप्त 14 अक्टूबर 2019 को 2:39: 58 सेकंड पर