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The family man 2: ऑनलाइन बॉडी शेमिंग का शिकार हुई प्रियामणि, एक्ट्रेस का छलक उठा दर्द

The family man 2: ऑनलाइन बॉडी शेमिंग का शिकार हुई प्रियामणि, एक्ट्रेस का छलक उठा दर्द

डिजिटल डेस्क,मुंबई। मनोज बाजपेयी स्टारर 'द फैमिली मैन 2' लोगों को बहुत पसंद आ रही है, जिसकी वजह से सीरीज के लगभग सभी किरदार की काफी सराहना की गई है, लेकिन शो की फीमेल लीड एक्ट्रेस प्रियामणि को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने बॉडी शेमिंग की है। इस बात का खुलासा खुद एक्ट्रेस ने किया है। बता दें कि, साउथ की जानी-मानी एक्ट्रेस प्रियामणि ने बॉलीवुड बबल को दिए एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि, उनको अपने वजन और रंग की वजह से लोगों के गंदे-गंदे कमेंट का सामना करना पड़ रहा है। एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रियामणि ने कहा कि , लोग उनके लिए 'बड़ा', 'मोटा' और 'काली जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हैं। 

क्या कहा प्रियामणि ने
साउथ की एक्ट्रेस प्रियामणि ने कहा कि, " मैं ईमानदारी से कहूंगी कि, मेरा वजन 65 किलो तक बढ़ गया था, मैं अभी जैसी दिखती हूं,उससे काफी ज्यादा बड़ी दिखती थी। इस वजह से बहुत से लोगों ने कहा है कि 'तुम मोटी दिखती हो', 'तुम बड़ी दिखती हो,' और अभी लोग कह रहे हैं, 'तुम बहुत पतली दिख रही हो, हम तुम्हें तब पसंद करते थे, जब तुम मोटी थी।" "अब मैं इसमें कोई मदद नहीं कर सकती कि, मैं इस तरह हूँ। लेकिन मैं केवल इतना कह रही हूं कि बड़ा या छोटा होना प्रत्येक व्यक्ति का अपना मन है। आप लोग बॉडी शेम क्यों करना चाहते हैं।"

Actress Priyamani about THE FAMILY MAN web series | New Movie Posters

रंगभेद का किया सामना
एक्ट्रेस प्रियामणि ने कहा कि, उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स के द्वारा 'आंटी', 'बूढ़ी' और 'ब्लैक' जैसे शब्दों से पुकारा जाता है। इतना ही नहीं मेकअप और रंगभेद को लेकर भी गलत टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। प्रियामणि ने बॉलीवुड बबल से कहा, "अगर मैं बिना मेकअप के कोई तस्वीर पोस्ट करती हूं, तो आधे लोग कहते हैं, ओह मेकअप के साथ आप अच्छी दिखती है और बिना मेकअप के आप आंटी की तरह दिखती है' तो क्या! आज नहीं तो कल तुम भी मौसी बन जाओगी। 

कोई कहता हैं कि, 'अरे! तुम बूढ़ी लग रही हो', तो क्या? आज नहीं तो कल तुम भी बूढ़ी हो जाओगी।.... मुझे लगता है कि आपको अपनी उम्र और इस बात को अच्छी तरह स्वीकार करना चाहिए कि आप कैसे दिखते हैं। चलो इसका सामना करते हैं, जब मैं मेकअप करना चाहती हूं, तो मैं मेकअप करूंगी । एक और बात है, मैं अक्सर मेकअप केवल शूटिंग के दौरान करती हूं या कैमरे के सामने। इस बात को लेकर कई बार मेरे पति और मेरे बीच बहस होती रहती है। वो कहते हैं कि, 'मैंने हमेशा तुमसे कहा था कि मेकअप किया करो, अच्छे दिखो, प्रेजेंटेबल दिखो। कभी-कभी तो मुझे लगता है कि वह सही है, कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं आपको खुश करने के लिए खुद को क्यों बदलूं। यह मैं हूं, मैं यही हूं और मैं जैसी हूं, वैसे ही बहुत सहज हूं।"

The Family Man Review: The Manoj Bajpayee-Starrer Needs a Better Handle | NDTV Gadgets 360

प्रियामणि ने आगे कहा कि, लोग कहते हैं कि, 'तुम काली दिख रही हो और कुछ लोग कहते हैं, 'तुम्हारा चेहरा सफेद है लेकिन तुम्हारे पैर काले हैं।' भले ही मैं एक सांवली लड़की हूं लेकिन सबसे पहले तो किसी को काला मत कहो क्योंकि काला भी सुंदर है। भगवान कृष्ण सुंदर दिखते हैं। तो इस तरह की टिप्पणी न करें और आप नहीं जानते कि जिस व्यक्ति पर आप टिप्पणी कर रहे हैं, उस पर इसका कितना गहरा प्रभाव पड़ेगा।"


 

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।