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मैडम तुसाद में अनुष्का की वैक्स स्टेचू, इंटरैक्टिव फीचर के साथ लुभाएगी टूरिस्ट्स को

September 06th, 2018 19:12 IST
मैडम तुसाद में अनुष्का की वैक्स स्टेचू, इंटरैक्टिव फीचर के साथ लुभाएगी टूरिस्ट्स को

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अनुष्का शर्मा बॉलीवुड की ऐसी अभिनेत्री हैं जो आए दिन देश भर में या तो अपनी फिल्मों या विराट कोहली के साथ होने की वजह से चर्चा का विषय बनी रहती हैं। एक बार फिर वो लाइमलाइट में आई हैं, पर इस बार उनकी सुर्खियां बटोरने की वजह पर्सनल या प्रोफेशनल लाइफ नहीं बल्कि कुछ और है। दरअसल सिंगापुर स्थित मैडम तुसाद म्यूजियम में अनुष्का की मोम की मूर्ति बनने वाली है। अब अनुष्का उन कुछ भारतीय कलाकारों में शरीक होने जा रही हैं जिनकी वैक्स स्टेचू मैडम तुसाद में लगाए गए हैं। पर ये मूर्ति कोई आम मूर्ति नहीं होगी बल्कि इससे टूरिस्ट्स अनुष्का से बात भी कर सकेंगे। उनके स्टेचू के साथ फोन होगा जिससे दर्शक स्टेचू से इंटरैक्ट कर सकेंगे।

वैक्स के साथ खिंचवाई तस्वीर
हाल ही में अनुष्का ने वैक्स पर अपने हाथ का निशान देकर इस प्रोजेक्ट को शुरू किया। मैडम तुसाद म्यूजियम में देश और दुनिया की नामचीन हस्तियों के वैक्स स्टेचू बनाए गए हैं जिनको देखने सैलानी दुनिया भर से आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा करीना कपूर, अनिल कपूर और अमिताभ बच्चन के स्टेचूज भी सिंगापुर के मैडम तुसाद में लगाए गए हैं। इंटरनेशनल सेलिब्रिटीज में फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और ओपरा विनफ्रे भी यहां लोगों को लुभाते हैं।

पहला बोलता स्टेचू
अनुष्का का स्टेचू मैडम तुसाद, सिंगापुर में पहला ऐसा स्टेचू होगा जो बोल सकेगा। इससे पहले ये इंटरैक्टिव फीचर किसी भारतीय हस्ती के स्टेचू में यूज नहीं किया गया है। अनुष्का को हाल ही में फोर्ब्स की '30 अंडर 30 एशिया 2018' की लिस्ट में जगह मिली है। ये उनके और उनके करियर के लिए माइलस्टोन साबित हो सकता है।

क्या कहना है म्यूजिम ऑफिशियल्स का?
मैडम तुसाद, सिंगापुर की जनरल मैनेजर ऐलेक्स वार्ड ने कहा, "हम अनुष्का के साथ काम करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। कई भारतीय परिवार और युवा यहां घूमने आते हैं। अनुष्का के इस स्टेचू के जरिए हमें उन सैलानियों को आकर्षित करने का मौका मिलेगा। हमें कई बार उनकी स्टेचू बनाने की रिकवेस्ट मिली जिसके बाद हमने ये प्रोजेक्ट फाइनल किया"।

बता दें कि मैडम तुसाद म्यूजियम लंदन में स्थापित मोम की मूर्तियों का संग्रहालय है। इसकी अन्य शाखाएं विश्व के प्रमुख शहरों में हैं। इसकी स्थापना 1835 में वैक्स आर्टिस्ट मेरी तुसाद ने की थी। 

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