comScore

कॉमेडियन सुनील पाल ने FIR दर्ज होने के बाद मांगी माफी, डॉक्टर्स का उड़ाया था मजाक

कॉमेडियन सुनील पाल ने FIR दर्ज होने के बाद मांगी माफी, डॉक्टर्स का उड़ाया था मजाक

डिजिटल डेस्क,मुंबई। डॉक्टरोंं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में स्टैंडअप कॉमेडियन सुनील पाल के खिलाफ मुंबई के अंधेरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। अपनी वेबसाइट और फेसबुक के जरिए पाल ने वीडियो शेयर किया था जिसमें उन्होंने डॉक्टरों के लिए चोर, शैतान, बेईमान जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। साथ ही उन्होंने डॉक्टरों पर मानव अंगों की तस्करी का आरोप लगाया था। इससे नाराज एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टंट संगठन की अध्यक्ष डॉक्टर सुष्मिता भटनागर ने अंधेरी पुलिस स्टेशन में शिकायत की जिसके आधार पर पुलिस ने पाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 505(2), 500 के तहत मानहानि का मामला दर्ज कर लिया गया है। वीडियो में पाल ने कहा था कि डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं लेकिन 90 फीसदी डॉक्टरों ने दानव का रूप धारण कर लिया है। मरीजों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। गरीबों को डराया जा रहा है। उन्हें यह कहकर परेशान किया जा रहा है कि बेड, प्लाज्मा और दवा नहीं है। पाल ने यह भी आरोप लगाया कि लोगों को जबरन कोविड पॉजिटिव बताकर अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। मरने के बाद भी मरीजों के नाम पर बिल बनाए जा रहे हैं और शरीर के अंग निकालकर उनकी तस्करी की जा रही है।

विवाद बढ़ने के बाद मांगी माफी

सुनील पाल ने गुरुवार को जारी वीडियो संदेश में कहा कि मेरे खिलाफ अंधेरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई है। कुछ लोगों का आरोप है कि मैंने डॉक्टरों और मेडिकल टीम के लिए भलाबुरा कहा है। मैंने आसपास के वातावरण को देखते हुए थोड़ा बहुत कहा है लेकिन सबके लिए नहीं कहा। डॉक्टर भगवान का रुप हैं लेकिन कहीं कुछ गड़बड़ होता है तो पेशा बदनाम होता है। नीम हकीम खतरा ए जान और 100 में से 80 बेईमान फिर भी मेरा देश महान जैसी कहावतें किसी वजह से बनीं हैं। फिर भी मेरी बात से किसी का दिल दुखा हो तो मैं माफी मांगता हूं। डॉक्टरी पेशे का अपमान करने का मेरा कोई इरादा नहीं है।

आपको बतादें देशभर में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। लाखों की संख्या में कोरोना केस सामने आ रहे है। ऐसे वक्त में पूरा मेडिकल स्टाफ और फ्रंटलाइन वर्कर्स लोगों की जान बचाने का काम कर रहे है। इस बीच कॉमेडियन सुनील पाल ने डॉक्टर्स का मजाक उड़ाते हुए कुछ ऐसे शब्द कह दिए, जो लोगों को पसंद नहीं आया और सुनील के खिलाफ FIR दर्ज हो गई।

क्या हैं पूरा मामला

  • 'कॉमेडी सकर्स' जैसे रियलिटी शो से नाम कमाने वाले सुनील पाल के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है।
  • सुनील पाल के खिलाफ मुंबई के अंधेरी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ है।
  • बता दें कि सुनील पाल ने अपनी वेबसाइट पर डॉक्टरों को लेकर एक वीडियो अपलोड किया था।
  • वीडियो में सुनील पाल कहते हैं कि, 'डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, लेकिन 90 प्रतिशत डॉक्टरों ने बुरा स्वरूप ले लिया है और वे ढोंगी होते हैं। गरीब लोगों को कोविड के नाम पर पूरे दिन डराया जा रहा है, उन्हें यह कह कर अपमानित और प्रताड़ित किया जा रहा है कि कोई बिस्तर, प्लाज्मा, दवा नहीं है, ये नहीं है वो नहीं है।' 
  • इस वीडियो की वजह से ट्रोल होने के बाद सुनील ने एक और वीडियों अपलोड करते हुए कहा कि, मैंने सभी डॉक्टरों पर निशाना नहीं साधा था। अगर मेरे बयानों से डॉक्टरों को ठेस पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं और अपने शब्दों को वापस लेता हूं। डॉक्टर वास्तव में भगवान का एक रूप है।
कमेंट करें
A5eqn
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।