comScore

वर्धन ने अपने दादा अमरीश पुरी के लिए कहा, हम सबसे अच्छे दोस्त थे

June 22nd, 2020 10:30 IST
 वर्धन ने अपने दादा अमरीश पुरी के लिए कहा, हम सबसे अच्छे दोस्त थे

हाईलाइट

  • वर्धन ने अपने दादा अमरीश पुरी के लिए कहा, हम सबसे अच्छे दोस्त थे

मुंबई, 22 जून (आईएएनएस)। उभरते अभिनेता वर्धन पुरी ने 22 जून को अपने दिवंगत दादा अभिनेता अमरीश पुरी के जन्मदिन पर उनकी कुछ यादों को साझा किया है।

अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को हुआ था और उन्होंने बॉलीवुड में कई यादगार परफॉर्मेंस दिए, जिनमें निशांत, मंथन और भूमिका जैसी कला फिल्में शामिल हैं, तो साथ ही दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, करण अर्जुन और नायक : द रियल हीरो जैसी कमर्शियल हिट भी हैं। उन्हें मिस्टर इंडिया में उनकी मोगेम्बो की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उन्होंने स्टीवन स्पीलबर्ग की इंडियन जोन्स एंड द टेंपल ऑफ डूम में मोला राम की भूमिका निभाते हुए एक अंतर्राष्ट्रीय मुकाम बनाया, जो बॉलीवुड सितारों के हॉलीवुड में प्रवेश करने के लिए फैशनेबल होने से बहुत पहले की बात थी।

जाहिर है, अपने पोते वर्धन के लिए वह एक कुशल अभिनेता से कहीं अधिक थे।

वर्धन ने आईएएनएस को बताया, हम कुछ भी होने से पहले सबसे अच्छे दोस्त थे। जब वह आसपास होते थे, तो मुझे किसी और की जरूरत नहीं होती थी। हम साथ में क्लासिक सिनेमा, डिस्कवरी चैनल और कार्टून देखते थे। वह वास्तव में एक सौम्य और बहुत प्यारे व्यक्ति थे।

उन्होंने आगे कहा, उन्होंने अपनी तकनीक विकसित की थी और इसने उनके लिए बहुत शानदार काम किया। यही वजह है कि वह अब तक के सबसे बहुमुखी अभिनेता हैं।

वर्धन 1997 की फिल्म विरासत के बड़े राजा ठाकुर को अमरीश पुरी का सर्वश्रेष्ठ चरित्र मानते हैं। वह कहते हैं, (यह) इतना विश्वसनीय, इतना वास्तविक, भावनात्मक रूप से इतना सही है कि हर बार जब भी मैं फिल्म देखता हूं, तो मैं रो देता हूं।

बता दें कि अमरीश पुरी का 12 जनवरी 2005 को 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

कमेंट करें
XgauB
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।