US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप में 'ऑयल हब' को बनाया निशाना, IRGC ने यूएस के फ्रेंडली देशों पर अटैक करने की दी धमकी

अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप में ऑयल हब को बनाया निशाना, IRGC ने यूएस के फ्रेंडली देशों पर अटैक करने की दी धमकी
मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध से कोहराम मचा हुआ है। इस युद्ध में दोनों पक्षों की ओर से ताबड़तोड़ हमलों का सिलसिला जारी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध से कोहराम मचा हुआ है। इस युद्ध में दोनों पक्षों की ओर से ताबड़तोड़ हमलों का सिलसिला जारी है। इस बीच ईरान के सबसे अहम तेल ठिकाने 'खार्ग आइलैंड' पर अमेरिका ने कई हमले किए हैं। दरअसल, यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेडलाइन के खत्म होने से ठीक पहले हुआ है। इसमें उन्होंने ईरान को 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) खोलने के लिए बुधवार सुबह 5:30 बजे (भारतीय समयानुसार) तक का वक्त दिया था। इन हमलों के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अब उनके 'धैर्य की सीमा समाप्त' हो गई है।

ईरान की न्यूज एजेंसी 'मेहर' के अनुसार, अमेरिकी हमले में खार्ग आइलैंड पर स्थित तेल निर्यात केंद्र पर काफी तबाही पहुंची है। बता दें, यह टापू ईरान के लिए काफी अहम था। क्योंकि ईरान का 90 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं से दुनिया भर में भेजा जाता है। यहाँ करीब 3 करोड़ बैरल तेल जमा करने की क्षमता है। इस हमले के बाद अब पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई रुकने का खतरा पैदा हो गया है।

अमेरिकी हमले से तिलमिलाया ईरान

अमेरिका के हमले से ईरानी सेना (IRGC) बुरी तरह से तिलमिला गई है। इसके बाद ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी है। ईरान ने कहा है कि वह अब अमेरिका के करीबियों के गैस और तेल ठिकानों पर हमला करके पूरे क्षेत्र में ईंधन की सप्लाई को सालों के लिए ठप कर देगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर ईरान की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, तो मिडिल ईस्ट के अन्य देशों के ऊर्जा ठिकाने "राख के ढेर" में बदल दिए जाएंगे।

बता दें, पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना इस द्वीप पर कब्जा कर सकती है। इसके बाद रविवार को एक तीखे बयान में ट्रंप ने ईरान को लताड़ लगाते हुए 48 घंटे के अंदर हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता साफ करने की डेडलाइन दी थी। वहीं, पहले भी अमेरिका ने खार्ग आइलैंड के मिलिट्री ठिकानों और मिसाइल बंकरों पर हमले किए थे। लेकिन तब तेल के कुओं को निशाना नहीं बनाया गया था।

Created On :   7 April 2026 8:19 PM IST

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