Iran-Israel War: 'पायलट का रेस्क्यू केवल एक बहना था असली मकसद यूरेनियम चुराना था', ईरान ने अमेरिका के ऑपरेशन पर खड़े किए सवाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिकी सेना ने F-15 फाइटर जेट के पायलट को बचाने के नाम पर कोई और मकसद छुपाया हो सकता है। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को सफल और बहादुरी भरा बताया। लेकिन ईरान के अधिकारियों ने इस पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इस पूरे ऑपरेशन में कई बातें साफ नहीं हैं। इस मामले ने दोनों देशों के बीच अविश्वास को और बढ़ा दिया है। स्थिति अब और तनावपूर्ण बनती दिख रही है।
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पायलट रेस्क्यू पर उठे सवाल
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू को लेकर कई शक हैं। उनका कहना है कि जिस जगह पायलट मिलने की बात कही गई वह असली लोकेशन से अलग है। इससे ऑपरेशन की सच्चाई पर सवाल उठते हैं। ईरान का मानना है कि अमेरिका ने पूरी जानकारी नहीं दी। इस वजह से यह मिशन संदेह के घेरे में आ गया है।
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यूरेनियम चोरी का आरोप
ईरान ने आरोप लगाया कि यह मिशन सिर्फ पायलट को बचाने के लिए नहीं था। उनका कहना है कि अमेरिका समृद्ध यूरेनियम हासिल करना चाहता था। ईरान ने इसे एक धोखे वाला अभियान बताया है। सेना का दावा है कि यह मिशन पूरी तरह असफल रहा। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है और दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया है।
इस्फहान की रणनीतिक अहमियत
इस्फहान ईरान का बहुत महत्वपूर्ण शहर है। यहां परमाणु तकनीक से जुड़ा बड़ा केंद्र मौजूद है। यह जगह यूरेनियम से जुड़े काम के लिए जानी जाती है। साथ ही, यह रक्षा के लिए भी अहम है जहां लड़ाकू विमान तैनात हैं। यही वजह है कि यह क्षेत्र हमेशा चर्चा में रहता है। अमेरिका और इजरायल इसे लेकर पहले भी चिंता जता चुके हैं।
Created On :   7 April 2026 8:57 AM IST













