US-Iran War: ईरान को बड़ा झटका! अमेरिक-इजराइल के हमले में IRGC इंटेलिजेंस चीफ की मौत

ईरान को बड़ा झटका! अमेरिक-इजराइल के हमले में IRGC इंटेलिजेंस चीफ की मौत
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा। एक महीने से जारी इस युद्ध में दोनों पक्ष एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा। एक महीने से जारी इस युद्ध में दोनों पक्ष एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इस बीच अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान को बड़ा झटका लगा है। यूएस-अमेरिका के हमले में IRGC के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादमी की मौत हो गई है। ईरान ने जनरल मजीद आदमी खादमी की मौत की पुष्टि की। वहीं, इजराइल के रक्षा मंत्री ने भी इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया।

ईरान ने मजीद खादमी की मौत की पुष्टि की

IRGC ने टेलीग्राम पर एक अधिकारिक पोस्ट में ईरानी सेना के खुफिया संगठन के प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादमी की मौत की पुष्टि की। IRGC ने लिखा, 'IRGC के खुफिया संगठन के प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादमी आज (6 अप्रैल) सुबह अमेरिकी-इजरायल के हमलों में दुश्मन द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में शहीद हो गए।'

वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने कहा कि इजरायल ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के खुफिया प्रमुख को मार गिराया है।

अयातुल्ला खामेनेई के वफादार थे मजीद खादमी

मालूम हो कि, ईरान ने पिछले साल जून में ब्रिगेडियर जनरल मजीद खादमी को खुफिया विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया था। दरअसल, उनकी नियुक्ति इजराइल की एयरस्ट्राइक में मारे गए खादमी के पूर्व इंटेलिजेंस प्रमुख मोहम्मद काजमी और डिप्टी हसन मोहाकिक की मौत के बाद की गई थी। इतना ही नहीं, बल्कि इस हमले में टॉप कमांडर मोहसेन बघेरी की मौत हो गई। इंटेलिजेंस चीफ बनने से पहले वह ईरान के रक्षा मंत्रालय में खुफिया सुरक्षा संगठन के प्रमुख रह चुके हैं। बता दें, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई खादमी को अपना भरोसेमंद मानते थे। खादमी को आईआरजीसी में लंबा अनुभव रहा। वह कई जासूसी से संबंधित गतिविधियों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

पाकिस्तान ने अमेरिका-इजराइल को भेजा सीजफायर प्रस्ताव

बता दें, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच शांति-समझौते की खबरें सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से तैयार सीजफायर का प्रस्ताव अमेरिका और इजराइल के वार्ताकारों तक पहुंच गया है। सीजफायर पर आपसी सहमित बनने पर 15 से 20 दिनों में युद्ध विराम होने की संभावना है। इस प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की शर्त भी रखी गई है। वहीं, प्रस्ताव में मिडिल ईस्ट में हमले रोकने की शर्त भी रखी गई है।

सीजफायर के प्रस्ताव को लेकर ईरान का भी जवाब सामने आया है। तेहरान की ओर से सूचित किया गया कि पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि, ईरान ने सीजफायर प्रस्ताव की एक शर्त को मारने से इंकार किया है। ईरान ने साफ कहा है कि वह अस्थायी सीजफायर में होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोलेगा।

Created On :   6 April 2026 3:15 PM IST

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