US-Iran Ceasefire: 'सीजफायर समझौते में लेबनान नहीं...' ईरान की चेतावनी पर इजरायल और अमेरिका की दो टूक

सीजफायर समझौते में लेबनान नहीं... ईरान की चेतावनी पर इजरायल और अमेरिका की दो टूक
मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का सीजफायर हुआ है। यह निर्णय समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की शर्त पर हुआ है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का सीजफायर हुआ है। यह निर्णय समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की शर्त पर हुआ है। ईरानी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा करते हुए बताया कि अगर इजरायल लेबनान पर हमले नहीं रोकता है तो ईरान इस सीजफायर से अपने कदम पीछे कर लेगा। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि इस सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है।

पाकिस्तान की टेंशन बढ़ाने वाला बयान

रिपोर्ट के अनुसार, "अगर अमेरिका इस क्षेत्र में इजरायल को काबू में नहीं रखता है तो ये काम ईरान जोर-जबरदस्ती से करेगा।" सीजफायर की घोषणा के बाद दुनिया ने राहत की सांस ली है। वही, भारत में इजरायल के राजदूत रुविन अजार ने एबीपी से चर्चा करते हुए बताया, "लेबनान पर कोई समझौता नहीं होगा। जब तक हम हिजबुल्लाह को पूरी तरह खत्म नहीं कर देते, तब तक हम नहीं रुकेंगे।" उनके इस बयान से बयान से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की टेंशन बढ़ सकती है।

ईरान के दावे पर इजरायल का बयान

रुविन अजार का कहना है, "ईरान उन 10 पॉइंट्स पर जो दावा कर रहा है, वह बेतुका है। अगर वे ईमानदारी से सीज़फ़ायर समझौतों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप और नेतन्याहू के बीच विचारों में कोई मतभेद नहीं था। हम एक ही पेज पर हैं। हमारी सरकार ने IRGC को निर्देश दिया है कि अब से कोई भी हमला न करे। यातुल्ला खामेनेई एक आतंकवादी था, और उसे मारने में हमने कोई गलती नहीं की। हमने ईरान के लोगों को सत्ता परिवर्तन का एक मौका दिया है।"

Created On :   8 April 2026 11:49 PM IST

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