US-Iran War: सीजफायर का पाकिस्तान ले रहा था क्रेडिट, तो अब चीन ने कही ऐसी बात कि क्लियर हो गई पिक्चर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 40 दिनों से युद्ध जारी था। लेकिन अब सीजफायर हो चुका है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सभी संभावित बड़े सैन्य हमलों को ना करते हुए दो हफ्ते का सीजफायर घोषित कर दिया है। ये फैसला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की शर्त पर ही हुआ है। ट्रंप के इस फैसले से पूरी दुनिया में शांति की भावना पैदा हुई है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज सरीफ लगातार सीजफायर का क्रेडिट लेने में जुटे हैं। इसी बीच चीन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। जिससे ये तय हो गया है कि सीजफायर कराने में किसकी अहम भूमिका रही है।
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क्या बोला चीन?
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से ही चीन शांति को बढ़ावा देने के लिए और लड़ाई रोकने के लिए एक्टिवली काम कर रहा है। चीन के इस जवाब के बाद उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया है। उन्होंने ट्रंप के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका मानना है कि चीन ने ईरान को युद्धविराम के लिए राजी करवाने में मदद की है।
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चीन ने अन्य विदेश मंत्रियों से की बात
माओ ने ये भी बताया कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने संबंधित देशों के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर 26 बार बातचीत की है। वहीं, मध्य पूर्व मुद्दों पर भी चीन की सरकार के अहम दूत ने संबंधित पक्षों के बीच कूटनीति का भी संचालन किया है। माओ का कहना है कि चीन और पाकिस्तान ने खाड़ी और मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति और स्थिरता बरकरार करने के लिए पांच सूत्रों की पहल का संयुक्त रूप से भी प्रस्ताव रखा है। एक जिम्मेदार देश की तरह चीन सुरक्षा बरकरार रखने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
Created On :   8 April 2026 4:28 PM IST












