Iran-US Ceasefire: लंबी जंग के बाद कुछ दिनों की राहत, कब और कहां होगी ईरान-अमेरिका की वार्ता? इन देशों ने निभाई अहम भूमिका

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लंबी तनातनी के बाद अब एक बड़ी राहत की खबर आई है। करीब 40 दिन तक चले तनाव और संघर्ष के बाद दोनों देश सीजफायर के लिए तैयार हो गए हैं। पहले हालात बहुत खराब हो गए थे और बड़े हमले की धमकियां दी जा रही थीं। लेकिन अब बातचीत पर सहमति बन गई है। इस फैसले से मिडिल ईस्ट में कुछ समय के लिए शांति की उम्मीद जगी है। हालांकि, जमीन पर अभी भी पूरी तरह शांति नहीं है लेकिन यह कदम आगे की बातचीत के लिए एक अच्छा मौका माना जा रहा है।
Prime Minister of Israel tweets, "Israel supports President Trump's decision to suspend strikes against Iran for two weeks subject to Iran immediately opening the straits and stopping all attacks on the US, Israel and countries in the region. Israel also supports the US effort to… pic.twitter.com/Wp9fy7QdOx
— ANI (@ANI) April 8, 2026
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कब और कहां होगी वार्ता?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को सही बताया है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमला नहीं करेगा। दोनों देशों के बीच 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत होने वाली है। इस मीटिंग में आगे की शांति पर चर्चा होगी।
जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण
सीजफायर के बावजूद पूरी तरह शांति नहीं आई है। खाड़ी क्षेत्र में अभी भी खतरा बना हुआ है। व्हाइट हाउस ने कहा कि सीजफायर हो गया है, लेकिन इजरायल की तरफ से हमले जारी रहने की खबरें सामने आई हैं। इससे स्थिति थोड़ी अनिश्चित बनी हुई है।
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दोनों देशों की शर्तें और दावे
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित तरीके से खोलता है तो अमेरिका हमले रोक देगा। वहीं, ईरान ने कहा कि अगर उस पर हमले बंद होते हैं तो वह भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा। ईरान ने इसे अपनी जीत बताया है, जबकि अमेरिका का कहना है कि उसने दबाव बनाकर यह फैसला करवाया है।
आगे क्या हो सकता है?
ईरान ने लंबी शांति के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जैसे अमेरिकी सेना की वापसी और प्रतिबंध हटाना। पाकिस्तान ने भी इस मामले में भूमिका निभाई है और दोनों देशों को बातचीत के लिए बुलाया है। आने वाले दिनों में स्थिति साफ हो सकती है कि यह शांति स्थायी होगी या नहीं।
इन देशों ने निभाई अहम भूमिका
इस युद्ध-विराम में पाकिस्तान और चीन की भूमिका अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने ईरान को समझाया कि तनाव कम करना जरूरी है। इसके बाद ईरान ने इस बारे में विचार किया। ईरान पहले पूरी शांति की गारंटी चाहता था लेकिन अब उसने अस्थायी रूप से यह कदम उठाया है। यह फैसला आगे की बातचीत के लिए रास्ता खोल सकता है।
Created On :   8 April 2026 10:00 AM IST













