Iran-US Ceasefire: नुकसान की भरपाई, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण...ईरान की किन 10 शर्तों के आगे अमेरिका ने टेके घुटने?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 40 दिन बात अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हो गया है। दोनों देश 15 दिनों तक एक दूसरे पर हमला नहीं करेंगे। 10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता होगी। बता दें कि, ईरान ने अमेरिका के सामने 10 शर्तें रखीं जिसे राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने ठीक बताया। यह सीजफायर इन्हीं शर्तों पर हुआ है। तो चलिए जानते हैं वह कौन सी शर्तें हैं जिन्हें अमेरिका मानने पर मजबूर हो गया...
ईरान ने रखीं यह 10 शर्तें
1. दोनों देश एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगे।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा।
3. ईरान को यूरेनियम संवर्धन (न्यूक्लियर काम) करने की अनुमति होगी।
4. ईरान पर लगे सभी बड़े (प्राइमरी) प्रतिबंध हटाए जाएं।
5. बाकी सभी छोटे (सेकेंडरी) प्रतिबंध भी खत्म किए जाएं।
6. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सभी पुराने प्रस्ताव खत्म किए जाएं।
7. IAEA (International Atomic Energy Agency) के बोर्ड के सभी फैसले भी हटाए जाएं।
8. युद्ध में हुए नुकसान का पैसा (मुआवजा) ईरान को दिया जाए।
9. अमेरिका अपने सैनिकों को इस क्षेत्र से वापस बुलाए।
10. हर जगह लड़ाई बंद हो, जिसमें लेबनान में चल रहा संघर्ष भी शामिल है।
कब और कहां होगी वार्ता?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को सही बताया है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमला नहीं करेगा। दोनों देशों के बीच 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत होने वाली है। इस मीटिंग में आगे की शांति पर चर्चा होगी।
जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण
सीजफायर के बावजूद पूरी तरह शांति नहीं आई है। खाड़ी क्षेत्र में अभी भी खतरा बना हुआ है। व्हाइट हाउस ने कहा कि सीजफायर हो गया है, लेकिन इजरायल की तरफ से हमले जारी रहने की खबरें सामने आई हैं। इससे स्थिति थोड़ी अनिश्चित बनी हुई है।
चीन-पाक ने निभाई अहम भूमिका
इस युद्ध-विराम में पाकिस्तान और चीन की भूमिका अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने ईरान को समझाया कि तनाव कम करना जरूरी है। इसके बाद ईरान ने इस बारे में विचार किया। ईरान पहले पूरी शांति की गारंटी चाहता था लेकिन अब उसने अस्थायी रूप से यह कदम उठाया है। यह फैसला आगे की बातचीत के लिए रास्ता खोल सकता है।
Created On :   8 April 2026 11:00 AM IST












