लेबनान-इजराइल शांति वार्ता: हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने की समझौते की आलोचना, शर्त को लागू करना कठिन

डिजिटल डेस्क, भोपाल। इजराइल -लेबनान समझौते को लेकर हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कड़ी आलोचना की है। कासिम ने समझौते की शर्त को लेकर सवाल उठाते हुए कहा शर्त का पालन और लागू करना कठिन है। आपको बता दें लेबनान-इजराइल समझौते में हिजबुल्लाह को निरस्त्रीकरण की शर्त रखी है। अमेरिका ने दोनों देशों के बीच कराए गए इस समझौते में शर्त को लेकर हिजबुल्ला भड़क गया है। समझौते की घोषणा के बाद भी बेरूत की सड़कों पर हिजबुल्लाह समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
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आपको बता दें इजराइल और लेबनान ने कई महीनों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए 26 जून 2026 को वाशिंगटन में एक फ्रेमवर्क डील पर हस्ताक्षर किए। जिस पर एक दिन पहले हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के बयान से समझौते के प्रभावी होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। हिजबुल्लाह ने उस समझौते को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्हें निरस्त्रीकरण से जोड़ा गया है।
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने जानकारी देते हुए बताया कि समझौते के बावजूद दक्षिणी शहर नबातियेह के नजदीक इजराइल ने ड्रोन से हमले किए। हालांकि एजेंसी ने ये भी बताया कि इजराइली सेना ने 3 लेबनानी और 3 सीरियाई कामगारों को रिहा कर दिया, जिन्हें शुक्रवार को दक्षिणी गाँव ऐन अरब के पास से हिरासत में लिया गया था।
इजराइल-हिजबुल्ला जंग शुरू होने के बाद से लेबनान और इजराइल के बीच हुए कई संघर्षविराम समझौते जमीन पर लागू नहीं हो सके। बीते दिन कासिम ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि उनका संगठन तब तक लड़ाई जारी रखेगा, जब तक इजराइल लेबनान छोड़ने के लिए मजबूर नहीं हो जाता।
हिजुबल्लाह ने ईरान युद्ध शुरू होने के दो दिन बाद इजराइल पर हमला किया था। मार्च से अब तक इजराइली हमलों में लेबनान में 4,000 से अधिक लोगों की जान चुकी है।
Created On :   28 Jun 2026 3:17 PM IST













