सीजफायर के बाद भी मंडरा रहा संकट: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए जारी की एडवाइजरी, माइंस के खतरे को देखते हुए डायवर्ट किए रूट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के बीच सीजफायर होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर संकट मंडरा रहा है। दरअसल, ईरान ने समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए नई नेविगेशन एडवाइजरी जारी की है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के मार्ग में मौजू माइंस के जोखिम को ध्यान में रखते हुए जहाजों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। बता दें, अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के बाद जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से खोलने पर सहमित जताई गई।
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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए जारी की एडवाइजरी
इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों में माइंस के खतरे की चेतावनी दी है। ईरान की स्थानीय मीडिया और समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, ईरानी सेना (ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स) ने कहा कि जहाजों को डायवर्टिड रूस से गुजरने का पालन करना होगा। इससे समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में आसानी होगी। साथ ही खदानों के संपर्क में आने से बचा जाएगा। इस
वहीं, इस संबंध में अल जजीरा के हवाले से ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि आईआरजीसी (ईरानी नौसेना) ने स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की नौसेना के साथ समन्वय बनाने की अपील की है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, ओमान सागर से आ रहे जहाजों को पहले लारक द्वीप के उत्तर से आते हुए खाड़ी में प्रवेश करना होगा। जबकि, खाड़ी से बाहर जाने वाले जहाजों को द्वीप के दक्षिण से होकर ओमान सागर में जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे स्ट्रेट में जोखिम भरे क्षेत्रों से बचा जाए।
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ईरान-अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम
बता दें, अमेरिका-ईरान के बीच मंगलवार को दो सप्ताह के लिए युद्धविराम हुआ था। इसकी मध्यस्थता पाकिस्तान ने की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया था कि यह समझौता ईरान द्वारा होर्मजु स्ट्रेट से तेल और गैस सप्लाई पर लगाए प्रतिबंध को हटाने की शर्त पर हुआ है। मालूम हो कि, इस समुद्री रूट से दुनियभर में कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवा हिस्सा वहन करता है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस बारे में ईरान के अधिकारी ने बताया कि करीब 40 दिनों से जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट के कुछ मार्ग को खोल जा सकता है। यह सब कुछ ईरान की निगरानी में होगा। इस दौरान ईरान ने इशारा किया था कि दो हफ्तों के शांति समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रैड से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाया जा सकता है। ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट की चोड़ाई 34 किलोमीटर है।
फिलहाल, सीजफायर की शर्ते पूर्ण तौर से साफ नहीं हो पाई है। इस मसले पर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आ रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो सीजफायर प्रस्ताव की शर्तों का ओमान ने विरोध किया था। ओमान ने टोल वसूलने को मौजूदा समझौतें का उल्लंघन बताया था। हालांकि, अन्य रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि शुल्क प्रणाली को पहले ही लागू कर दिया गया है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एबीसी न्यूज से बातचीत में कहा था कि स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने के लिए वाशिंगटन एक संयुक्त विचार कर रहा है।
Created On :   9 April 2026 12:40 PM IST













