Ceasefire talks in Pakistan: अमेरिका और ईरान की पाकिस्तान में कल शांति वार्ता, हमले की आशंका पर अमेरिकी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की अहम मीटिंग

अमेरिका और ईरान की पाकिस्तान में कल शांति वार्ता, हमले की आशंका पर अमेरिकी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की अहम मीटिंग
अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान में 10 अप्रैल, 2026 एक अहम बैठक होने वाली है। इसके लिए अमेरिका खुफिया सर्विसेज के 23 अधिकारी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान में 10 अप्रैल, 2026 एक अहम बैठक होने वाली है। इसके लिए अमेरिका खुफिया सर्विसेज के 23 अधिकारी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। ये अधिकारी ईरान के साथ वार्ता करने के लिए पहुंचने वाले अमेरिकी दल का सुरक्षा करेंगे। इस दल का नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं।

सुरक्षा को लेकर सूत्रों ने क्या कहा?

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने के लिए यह सर्विसेज 9 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंच गई है। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे एक बैठक की। पाकिस्तानी एजेंसी की तरफ से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मीटिंग में मेजर जनरल फैसल नसीर और उनकी टीम मौजूद रहेगी। ये अधिकारी जेडी वेंस के इस्लामाबाद पहुंचने पर पाकिस्तानी सेना और ISI की सुरक्षा व्यवस्था पर ब्रीफ करने वाले है। इसके साथ ही जेडी वेंस की पारकिस्तान यात्रा घोषणा के बाद आई लीड्स और थ्रेट्स के बारे में जानकारी दी जाएगी।

रेड जोन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित इस वार्ता से पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं। इस सुरक्षा में पुलिस के साथ पाकिस्तानी सेना को भी हाईवे और सड़कों पर तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही रेड जोन की सुरक्षा की कमान पाकिस्तानी सेना की एक्स कोर ने संभाली हुई है। इसके अलावा अन्य शहरों को इस्लामाबाद से जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे को दो दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिए हैं। राजधानी के रेड जोन में किसी भी आम नागरिक को जाने की अनुमति नहीं है।

हमले का सता रहा डर

सूत्रों का आगे कहना है कि पाकिस्तान और अमेरिका की खुफिया एजेंसी को डर सता रहा है कि इस वार्ता के दौरान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) या फिर जनैबुइयोन ब्रिगेड (लश्कर ए जैनब) किसी बड़े हमले को अंजाम नहीं दे। इसी संभावना को देखते हुए आईएसआई और अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज की आज मुलाकात हुई।

Created On :   9 April 2026 10:22 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story