Israel-US-Iran: मिडिल ईस्ट तनाव में पिस रहा लेबनान, इजराइल के 1200 रॉकेट और हिजबुल्लाह के 3500 रॉकेट से मचा कोहराम

मिडिल ईस्ट तनाव में पिस रहा लेबनान, इजराइल के 1200 रॉकेट और हिजबुल्लाह के  3500 रॉकेट से मचा कोहराम
इजराइल-अमेरिका-ईरान की जंग से मिडिल ईस्ट में तनाव है। इस युद्ध में लेबनान भी पिसता नजर आ रहा है। दरअसल, लेबनान में आतंकवादी संगठन हिज्बुल्ला को ईरान का सबसे बड़ा सहोयगी माना जाता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजराइल-अमेरिका-ईरान की जंग से मिडिल ईस्ट में तनाव है। इस युद्ध में लेबनान भी पिसता नजर आ रहा है। दरअसल, लेबनान में आतंकवादी संगठन हिज्बुल्ला को ईरान का सबसे बड़ा सहोयगी माना जाता है। यही वजह है कि 28 फरवरी को छिड़ी ईरान से जंग के बाद से हिज्बुल्ला ने इजराइल पर रॉकेट से हमले दागने शुरु किए थे।

दरअसल, इजराइल ने अपनी पूरी ताकत झोंक कर लेबनान में हमला कर दिया। परिणाम यह हुआ कि लेबनान बिना अपनी जंग लड़े ही बीच में पिसने लगा। आम नागरिक, स्कूल, अस्पताल और घर सब कुछ इस जंग की आग में जल रहे हैं।

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इजराइल ने लेबनान पर इतने हमले किए

28 फरवरी 2026 से लेकर 27 मार्च 2026 तक इजराइल ने लेबनान पर हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे एक महीने में इजरायल ने 1200 से ज्यादा हमले किए हैं। इनमें एयर स्ट्राइक्स, आर्टिलरी गोलाबारी और ड्रोन हमले शामिल हैं। सिर्फ पिछले 24 घंटे में इजरायल ने 80 हमले किए हैं।

इन हमलों के दौरान लेबनान के दक्षिणी इलाके काफी ज्यादा क्षतिग्रस्त हुए हैं। इजराइल ने कहा कि वह हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला बोल रहा है। लेकिन जमीन पर आम लोग और बुनियादी ढांचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रहा है।

हिज्बुल्लाह ने इजराइल में दागे 3500 रॉकेट

वहीं, इजराइल के हमले के खिलाफ हिज्बुल्लाह तेजी से जवाबी कार्रवाई कर रहा है। 28 फरवरी से लेकर अब तक हिज्बुल्लाह ने इजराइल की तरफ 3500 से ज्यादा रॉकेट दाग चुका है। ये रॉकेट इजरायल के उत्तरी शहरों, सैन्य ठिकानों और बस्तियों पर गिरे हैं।

इस जंग का खामियाजा लेबनान के आम नागरिक को भुगतना पड़ रहा है। हजारों घर उजड़ चुके हैं। सड़कें टूट गई हैं। अस्पतालों पर बम गिर रहे हैं। लाखों लोग अपने घर छोड़कर भाग रहे हैं। खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं। बिजली-पानी की समस्या हर जगह है।

आलम यह है कि बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बीमार लोग इलाज के लिए तरस रहे हैं। लेबनान की सरकार कमजोर है और वह इस जंग को रोकने में पूरी तरह असमर्थ है। इस वजह से पूरा देश आर्थिक और मानवीय संकट में फंस गया है।

Created On :   27 March 2026 7:15 PM IST

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