Israel-US-Iran War: ईरान में सत्ता परिवर्तन की ताक में निर्वासित रजा पहलवी! युद्ध खत्म होने के बाद इस्लामिक शासन के हटने का किया दावा

ईरान में सत्ता परिवर्तन की ताक में निर्वासित रजा पहलवी! युद्ध खत्म होने के बाद इस्लामिक शासन के हटने का किया दावा
इजराइल-अमेरिका-ईरान की जंग 16वें दिन में प्रवेश कर गई। इस जंग से मीडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति बरकरार है। दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले जारी है। इस बीच ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने शनिवार को बड़ा बयान दिया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजराइल-अमेरिका-ईरान की जंग 16वें दिन में प्रवेश कर गई। इस जंग से मीडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति बरकरार है। दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले जारी है। इस बीच ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने शनिवार को बड़ा बयान दिया है।

ईरान के निर्वासित युवराज का बड़ा दावा

रजा पहलवी ने कहा, 'इस्लामिक गणराज्य के पतन के तुरंत बाद' ईरान के सत्ता परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले कुछ महीनों से एक ऐसी सत्ता परिवर्तन योजना विकसित करने पर काम कर रहे हैं, जिससे ईरानी शासन के पतन की स्थिति में देश में शासन व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए।'

वहीं, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध खत्म करने पर बड़ा बयान दिया था। न्यूज एजेंसी एनबीसी से बातचीत के दौरान ट्रंप कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता होता है तो उसमें इस शर्त को शामिल किया जाएगा कि वह पूरे तरह से अपने परमाणु कार्यक्रम रोक दें। साथ ही उन्होंने स्ट्रट ऑफ होर्मुज के लिए भी एक सुरक्षा प्लानिंग का जिक्र किया है। जिसके लिए उन्होंने कहा कि होर्मुज की सुरक्षा के लिए कई देशों को एक साथ आना होगा, ताकि युद्ध के कारण बढ़े दुनिया में तेल और गैस की कीमतों को कंट्रोल किया जा सके। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए कई देश साथ आने को भी तैयार है। उन्होंने आगे उम्मीद जताते हुए बताया कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश भी साथ आ सकते हैं और जहजों की आवाजाही सुरक्षित हो सके।

ट्रंप ने ईरान से युद्ध खत्म करने पर कही ये बात

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सबसे अहम तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर हमला किया है। इस दौरान इस द्वीप के कई हिस्से बुरी तरह तबाह हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इस हमले में तेल की पाइपलाइन और ऊर्जा ढांचे को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, इस दिन अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमला किया था, जिसमें उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मौत हो गई थी। इसके अलावा, कई अन्य ठिकानों को भी टारगेट किया गया था।

Created On :   15 March 2026 1:19 PM IST

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