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26/11 अटैक के साजिशकर्ता डेविड हेडली पर शिकागो जेल में हमला, हालत गंभीर

July 24th, 2018 13:08 IST
26/11 अटैक के साजिशकर्ता डेविड हेडली पर शिकागो जेल में हमला, हालत गंभीर

हाईलाइट

  • 26/11 आतंकी हमले के साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली पर अमेरिका की शिकागो जेल में जानलेवा हमला।
  • खबरों के मुताबिक ये हमला 8 जुलाई को हुआ था। नॉर्थ एवेस्टन अस्पताल के आईसीयू में हैडली को रखा गया है।
  • हेडली पर जेल में ही बंद दो कैदियों ने हमला किया। ये दोनों कैदी भाई हैं और सालों पहले एक पुलिसकर्मी पर हमले के चलते जेल में लाए गए थे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले के साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली पर अमेरिका की शिकागो जेल में जानलेवा हमला हुआ है। खबरों के मुताबिक ये हमला 8 जुलाई को हुआ था, हालांकि इसका खुलासा सोमवार को हुआ है। हेडली पर जेल में ही बंद दो कैदियों ने हमला किया। हेडली पर हमला करने वाले दोनों कैदी भाई हैं और सालों पहले एक पुलिसकर्मी पर हमले के चलते जेल में लाए गए थे। हमले के बाद गंभीर हालत में हेडली को नॉर्थ एवेस्टन अस्पताल ले जाया गया जहां उसे आईसीयू में रखा गया है। उस पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके सिर और पेट में गंभीर चोटें आईं है।

लश्कर का अंडरकवर एजेंट था हेडली
डेविड कोलमैन हेडली का असली नाम दाऊद सैयद गिलानी है। उसने 2006 में अपना नाम दाउद गिलानी से बदलकर डेविड हेडली रख लिया था ताकि वह भारत में प्रवेश कर सके। उसका जन्म वॉशिंगटन में हुआ, उसके पिता सैयद सलीम गिलानी एक जाने माने पाकिस्तान डिप्लोमेट और ब्रॉडकास्टर थे। हेडली लश्कर-ए-तैयबा के अंडरकवर एजेंट के तौर पर काम करता था। उसने मुंबई हमले के लिए विस्तार से जानकारियां जुटाईं और पाकिस्तान में लश्कर के ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लिया। ऐसा बताया जाता है कि उसने वर्ष 2006 और 2008 के बीच कई बार भारत की यात्रा की, नक्शे खींचे, वीडियो फुटेज ली और हमले के लिए ताज होटल, ओबरॉय होटल और नरीमन हाउस समेत विभिन्न ठिकानों की जासूसी की। इस जानकारी को उसने अपने आंकाओं तक पहुंचाई। आतंकवादी हमलों में शामिल होने के मामले में हेडली को अमेरिका में 35 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।

हाफिज सईद से प्रभावित था हेडली

हेडली इस बात को स्वीकार कर चुका है कि वह लश्कर-ए-तैयबा का कट्टर समर्थक था। लश्कर प्रमुख हाफिज सईद से प्रभावित होकर वह इस आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। उसने वर्ष 2002 में मुजफ्फराबाद में उनके साथ पहली बार प्रशिक्षण लिया था। शिकागो की जेल से मुंबई की एक अदालत में गवाही देते हुए उसने ये सारी बातें कही थी। उसने ये भी कहा था कि पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26/11 हमलों से पहले मुंबई पर दो बार हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वे दोनों बार ऐसा करने में नाकाम रहे थे। 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।