दैनिक भास्कर हिंदी: ...तो इस वजह से अफगानिस्तान में 7 भारतीय इंजीनियर अगवा, तालिबान पर शक

May 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, काबुल। अफगानिस्तान के बाघलान इलाके से 7 भारतीय इंजीनियर समेत 8 लोगों को अगवा कर लिया गया है। अगवा करने का शक तालिबान पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकियों ने इंजिनियरों को सरकारी कर्मचारी समझकर अगवा किया। ये सभी लोग महाराष्ट्र की कंपनी KEC के लिए काम करते हैं। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक अगवा हुए सातों भारतीय इलेक्ट्रिकल इंजिनियर हैं। इनका उस समय अपहरण किया गया जब वे एक इलेक्ट्रिसिटी सब-स्टेशन जा रहे थे, जिसका KEC को ठेका मिला हुआ है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक सातों भारतीय इंजिनियरों के अलावा उस अफगानी बस ड्राइवर को भी आतंकियों ने अगवा कर लिया, जिससे ये सफर कर रहे थे। 


बता दें कि गृहयुद्ध की आग में झुलसे अफगानिस्तान में तालिबान आतंकियों ने पिछले महीने एक सरकारी प्रतिष्ठान पर हमला किया था, जिसमें तीन अधिकारियों समेत 15 सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई थी।

बंदूकधारियों ने किया अपहरण
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि अगवा हुए 8 कर्मचारियों में 7 भारतीय हैं जबकि एक अफगानिस्तान का नागरिक है। बागलान पुलिस के प्रवक्ता जबीहुल्लाह शुजा ने रॉयटर्स को बताया कि ये इंजिनियर एक मिनी बस से सरकारी पावर स्टेशन जा रहे थे तभी अज्ञात बंदूकधारियों ने उन्हें और उनके अफगानी ड्राइवर को अगवा कर लिया। काबुल में भारतीय दूतावास के 2 अधिकारियों ने भी इंजिनियरों के अपहरण की पुष्टि की है।

 

विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
भारतीयों के अगवा होने की विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि वह अफगानिस्तान के अधिकारियों के संपर्क में है। भारतीय नागरिकों के अपहरण की रिपोर्ट्स से जुड़े सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'हम अफगानिस्तान के बागलान प्रांत से भारतीय नागरिकों के अपहरण से वाकिफ हैं। हम अफगान अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।' वहीं भारतीय दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी अफगानिस्तान में बड़े इन्फ्रस्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स में 150 से ज्यादा भारतीय इंजिनियर और तकनीकी विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, 'हम अपने इंजिनियरों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए काम शुरू कर चुके हैं।' 

तालिबान पर शक
खबरों के मुताबिक लोगों को अगवा करने के पीछे तालिबान का हाथ बताया जा रहा है। हालांकि तालिबान या किसी अन्य संगठन ने इसकी अब तक जिम्मेदारी नहीं ली है। अभी यह पता नहीं चला है कि अपहरण के पीछे कौन जिम्मेदार है और क्या इंजिनियरों की रिहाई के बदले किसी तरह की फिरौती की मांग भी की गई है या नहीं। बता दें कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान आतंकियों से देश में हो रहे चुनाव में हिस्सा लेने की अपील की है। इसके अलावा अमेरिका भी तालिबान आतंकियों से चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने को कह चुका है। अमेरिका ने विदेश में जमे बैठे तालिबान आतंकियों से भी अपने देश वापस लौटने को कहा।