वाशिंगटन: मिसाइल परीक्षण के बाद भी अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ जुड़ने को तैयार

September 14th, 2021

हाईलाइट

  • मिसाइल परीक्षण के बाद भी अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ जुड़ने को तैयार

डिजिटल डेस्क वाशिंगटन। प्योंगयांग ने सप्ताहांत में लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों के एक नए प्रकार के परीक्षण के बाद व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ बातचीत के लिए तैयार है। व्हाइट हाउस की प्रधान उप प्रेस सचिव कराइन जीन पियरे ने एयर फोर्स वन में संवाददाताओं से कहा, उत्तर कोरिया के मामले में हमारी स्थिति नहीं बदली है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया, हम कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणुकरण के अपने उद्देश्य की दिशा में उत्तर कोरिया के साथ कूटनीति में शामिल होने के लिए तैयार हैं। उन्होंने प्योंगयांग से निपटने में जो बाइडन प्रशासन के कैलिब्रेटेड, व्यावहारिक दृष्टिकोण की पुष्टि की, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा को बढ़ाने वाली व्यावहारिक प्रगति करने के लिए कूटनीति की खोज के लिए खुला है।

जीन-पियरे ने कहा, हमारा प्रस्ताव बिना किसी पूर्व शर्त के कहीं भी, कभी भी मिलने के लिए बना हुआ है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने सोमवार को बताया कि उत्तर कोरिया ने शनिवार और रविवार को नई तरह की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों का सफल परीक्षण किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉन्च की गई लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों ने 7,580 सेकंड के लिए ओवल और पैटर्न -8 उड़ान कक्षाओं के साथ डीपीआरके की क्षेत्रीय भूमि और पानी के ऊपर हवा में यात्रा की और 1,500 किमी दूर लक्ष्य को निशाना बनाया। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने सोमवार को एक ब्रीफिंग में कहा, हम इन क्रूज मिसाइलों के लॉन्च की र्पिोटों से अवगत हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है और स्थिति की निगरानी कर रहा है, जापान और दक्षिण कोरिया के लिए अमेरिकी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को मजबूत किया जा रहा है। अगस्त में दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के बाद मिसाइल परीक्षण किए गए।

यह उत्तर कोरिया के लिए अमेरिकी दूत सुंग किम की इस सप्ताह टोक्यो में अपने दक्षिण कोरियाई और जापानी समकक्षों के साथ बैठक के समक्ष भी आया था। बाइडन प्रशासन ने कहा कि वह परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर प्योंगयांग के साथ बातचीत करेगा लेकिन प्रतिबंधों में ढील देने की कोई इच्छा नहीं दिखाई है।

 

(आईएएनएस)