पाकिस्तान से चीन नाखुश!: पाकिस्तान पर भड़का चीन, वजह जानकर हैरान रह जायेंगे

September 17th, 2021

हाईलाइट

  • पाकिस्तान पर भड़का चीन
  • CPEC प्रोजेक्ट पाक का लाइफलाइन था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर चीन की अरबों डॉलर की महत्वाकांक्षी योजना बेल्ट एंड रोड का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि पाकिस्तान में CPEC योजनाओं की धीमी गति से चीनी कंपनियां परेशान हैं। पाकिस्तान के एक सीनेट पैनल ने भी इस प्रोजेक्ट को लेकर चिंता जाहिर की है। सीनेट की अध्यक्षता करने वाले सलीम मांडवीवाला ने कहा कि चीनी सीपीआईसी पर काम की गति से संतुष्ट नहीं हैं। और पिछले तीन वर्षों के दौरान पोर्टफोलियो पर उन्होंने कोई प्रगति  नहीं देखी। उन्होंने यह भी बताया कि इसको लेकर चीनी राजदूत ने मुझसे शिकायत की है कि आपने CPEC को बर्बाद कर दिया है। और पिछले तीन  वर्षों में कोई काम नहीं किया गया है। 

CPEC प्रोजेक्ट पाक की लाइफलाइन थी

गौरतलब है कि सीपीईसी अथॉरिटी के चीफ असीम सलीम बाजवा ने 60 बिलियन डॉलर्स के सीपीईसी प्रोजेक्ट को पाकिस्तान की लाइफलाइन बताया था। उसके बावजूद भी प्रगति रिपोर्ट में पाकिस्तान फिसड्डी साबित हुआ है। हालांकि बाजवा को हटाकर खालिद मंसूर को सीपीईसी अथॉरिटी का चीफ बनाया गया है। उन्होंने सीपीईसी के फेज 1 पावर प्रोजेक्ट्स को लेकर कमिटी को जानकारी दी है। इसमें निवेशकों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में भी बात की गई थी। इनमें स्वतंत्र बिजली परियोजनाओं के भुगतान के मुद्दे, लंबे समय से बकाया ऋण, ऑटोमैटिक पेमेंट्स के लिए खाते की स्थापना जैसे कई मुद्दे शामिल थे।

पाकिस्तान के काम से खफा हुआ चीन 

CPEC मामलों पर पीएम इमरान खान के विशेष सहायक मंसूर ने मांडवीवाला का भी समर्थन किया और कहा कि चीनी कंपनियां सरकार के संस्थानों और उनके काम की गति से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद ग्वादर हवाई अड्डे पर काम की प्रगति से खुश नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने पैनल को आश्वासन दिया है कि चीजें अब रिकवरी मोड पर आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में 135 चीनी कंपनियां सीपीईसी और अन्य परियोजनाओं पर काम कर रही हैं और अब उनकी प्राथमिकता होगी कि कैसे सीपीईसी पर काम करने वाले लोगों के विश्वास को फिर से हासिल किया जा सकता।

आतंकी हमले में 9 चीनी नागरिक मारे जा चुके 

बता दें कि एक तरफ चीन धीमी गति से चल रहे काम से परेशान है तो दूसरी तरफ जुलाई माह मे आतंकी बम ब्लास्ट में 9 चीनी नागरिकों के मारे जानें पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद ही चीन ने अपनी एक स्पेशल टीम पाकिस्तान भेजी थी। ये ब्लास्ट एक बस में हुआ था और इस बस में चीन के इंजीनियर और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स मारे गए थे। जो इस प्रांत में बांध बनाने का काम कर रहे थे। जांच में सामने आया था कि ये एक आतंकी हमला था।