comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के अधिकारों में कटौती से विवाद

May 19th, 2020 20:30 IST
 गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के अधिकारों में कटौती से विवाद

हाईलाइट

  • गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के अधिकारों में कटौती से विवाद

गिलगित, 19 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए यहां की सरकार के पर काट दिए गए हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त ने सरकार के अधिकारों में व्यापक कटौती की अधिसूचना जारी कर दी है।

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारों में इस कटौती पर गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है। सरकार के सूचना सलाहकार शम्स मीर ने इस अलोकतांत्रिक करार दिया है।

गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार का कार्यकाल 24 जून तक है। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, 24 जून के बाद चुनाव होने तक एक कार्यवाहक सरकार कामकाज संभालेगी। लेकिन, इससे एक महीने से पहले ही सरकार के अधिकारों में कटौती की अधिसूचना जारी कर दी गई।

24 जून के बाद 60 दिनों के अंदर चुनाव कराने होंगे।

गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव आयोग की अधिसूचना में कहा गया है कि अब कोई भी सरकारी विभाग न तो कोई नियुक्ति कर सकेगा और न ही किसी का तबादला। किसी तरह की नई विकास परियोजनाओं की भी अनुमति नहीं होगी।

मीर ने गिलगित में मीडिया से कहा, यह और कुछ नहीं बल्कि मौजूदा सरकार को पांच साल के लिए जनादेश का अपमान है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में चुनाव कार्यक्रम जारी होने से पहले इस तरह से सरकार के अधिकार नहीं छीने जाते। उन्होंने कहा कि यह गैर लोकतांत्रिक अधिसूचना केंद्र की इमरान सरकार के इशारे पर जारी की गई है।

इस बीच, गिलगित-बाल्टिस्तान में एक सदस्यीय चुनाव आयोग के गठन को इलाके में संदेह की नजर से देखा जा रहा है और इसकी आलोचना की जा रही है। पाकिस्तान के चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और चारों प्रांतों से एक-एक आयुक्त सदस्य होते हैं लेकिन गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव आयोग में केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ही हैं, कोई अन्य सदस्य नहीं है।

असद बिलाल नाम के एक वकील ने कहा कि इसका एक सदस्यीय आयोग होना एक कानूनी त्रुटि है।

गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में अपनी अवस्थिति को दोहराते हुए कहा था कि पाकिस्तान, गिलगित-बाल्टिस्तान समेत जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख के उन हिस्सों को खाली करे जो भारत के हैं और उसके अवैध कब्जे में हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गिलगित-बास्टिस्तान पर पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर पाकिस्तान से सख्त विरोध दर्ज कराया था।

इमरान सरकार द्वारा बीते साल क्षेत्र पर अपनी संवैधानिक पकड़ को मजबूत बनाने के लिए उठाए गए कई कदमों के बाद पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में अपने आदेश में कहा था कि गिलगित-बाल्टिस्तान उसके अधिकार क्षेत्र में आता है।

कमेंट करें
Ulhqt
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।