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Coronavirus: अमेरिका में कोरोना से 5 लाख से ज्यादा मौत, ब्रिटेन 1 करोड़ 12 लाख से ज्यादा संक्रमित

Coronavirus: अमेरिका में कोरोना से 5 लाख से ज्यादा मौत, ब्रिटेन 1 करोड़ 12 लाख से ज्यादा संक्रमित

हाईलाइट

  • अमेरिका में कोरोना वायरस से 5 लाख से ज्यादा मरीजों की मौत
  • ब्रिटेन 1 करोड़ 12 लाख से ज्यादा लोग कोरोनावायरस से संक्रमित

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में कोरोनावायरस से मारने वालों की संख्या में बढ़ोतरी जारी है। जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) के मुताबिक, यहां कोरोनावायरस महामारी से मरने वालों की संख्या अपनी चरम सीमा पर पहुंच गई है।

सीएसएसई के आंकड़ों के हवाले से सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिका में कोरोना मामलों की संख्या जहां 2.81 करोड़ की संख्या तक पहुंच गई है, वहीं सोमवार को यहां मरने वालों की संख्या 5 लाख 71 तक पहुंच गई। वहीं, ब्रिटेन में 10 हजार 641 नए लोग कोरोनावायरस की जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं, जिन्हें शामिल करते हुए देश में संक्रमितों की संख्या 4 करोड़ 12 लाख 6 हजार 150 हो गई है। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में इनका खुलासा हुआ है।

सीएसएसई के आंकड़ों से पता चला है कि न्यूयॉर्क को पछाड़ते हुए कैलिफोर्निया कोरोना से हुई मौतों के मामले में सबसे आगे है। यहां 49 हजार 439 मरीज अपनी जाने गंवा चुके हैं। 46 हजार 917 मौतों के साथ न्यूयॉर्क दूसरे नंबर पर है। इसके बाद, 42 हजार 291 और 30 हजार 65 मौतों के साथ टेक्सास और फ्लोरिडा तीसरे और चौथे नंबर पर है।

अमेरिका के जिन अन्य राज्यों में 15 हजार से अधिक मौतें हुई हैं, उनमें पेन्सिलवेनिया, न्यू जर्सी, इलिनॉयस, ओहाइयो, जॉर्जिया, मिशिगन, मैसाचुसेट्स और एरिजोना शामिल हैं। अमेरिका दुनिया का एक ऐसा देश है, जिसे कोरोना ने सबसे अधिक प्रभावित किया है। कोरोना मामलों और इससे हुई मौतों की सूची में यह अव्वल है। पूरी दुनिया में कोरोना के जितने भी मामले हैं, उनका 25 प्रतिशत अकेले अमेरिका से हैं, जबकि मौतों के मामले में यह आंकड़ा 20 फीसदी से अधिक का है।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में कोरोनावायरस महामारी से संबंधित 178 नई मौतें भी हुई हैं और इसके साथ ही यहां मरने वालों की संख्या 1 लाख 20 हजार 757 हो गई है। इस आंकड़े में केवल वही लोग शामिल हैं, जिनकी मौत कोरोना की पहली जांच के महज 28 दिनों के भीतर हुई है। हालिया आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है कि ब्रिटेन में 1.77 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। इसके अलावा, सोमवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लॉकडाउन में ढील देने को लेकर अपने बहुप्रतीक्षित रोडमैप की घोषणा की।

जॉनसन ने ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में सांसदों को बताया कि इंग्लैंड में 8 मार्च से स्कूल दोबारा खुलेंगे। दूसरे चरण में गैर-जरूरी खुदरा दुकानों, हेयरड्रेसर और पुस्तकालय व संग्रहालय जैसे सार्वजनिक भवन 12 अप्रैल से फिर से खुलेंगे। तीसरे चरण की शुरुआत 17 मई से होगी, जिसके तहत रूल ऑफ सिक्स को हटा दिया जाएगा और आउटडोर में अब 30 लोगों को एक साथ जुटने की अनुमति दी जाएगी। 21 जून से शुरू होने वाले चौथे चरण में सभी कानूनी सामाजिक प्रतिबंधों को हटाने की उम्मीद है, जिसके तहत नाइटक्लब्स वगैरह खोल दिए जाएंगे।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।